मोदी सरकार 3.0 के शपथग्रहण की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं. जिन सांसदों को मंत्री पद की शपथ लेनी है, उन्हें फोन आने लगे हैं. चूंकि बीजेपी को इस बार बहुमत नहीं मिला है. इसलिए दूसरे दलों को भी ज्यादा कैबिनेट बर्थ देनी पड़ रही है. इसको लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसा है.
अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा, "ऊपर से जुड़ा कोई तार नहीं, नीचे कोई आधार नहीं, अधर में जो है अटकी हुई वो तो कोई ‘सरकार’ नहीं."
बता दें कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. जहां सपा को 37 सीटों पर जीत मिली है, वहीं बीजेपी के खाते में 33 सीट आई हैं. इसके अलावा कांग्रेस को छह, आरएलडी को दो, अपना दल (एस) को एक और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) को एक सीट मिली है. जबकि बहुजन समाज पार्टी का खाता भी नहीं खुला है.
यूपी में कई केंद्रीय मंत्री हारे चुनाव
पिछले चुनाव में बीजेपी को 62 सीटें मिली थीं. इस बार के चुनाव में बीजेपी को 29 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा है. वहीं अपना दल (एस) को भी एक सीट का नुकसान हुआ है. जबकि आरएलडी को दो सीटों का फायदा हुआ है. क्योंकि पिछले चुनाव में आरएलडी एक भी सीट नहीं जीत पाई थी. इस बार यूपी में बीजेपी के कई मंत्री भी चुनाव हारे हैं. जिनमें अमेठी से स्मृति ईरानी, खीरी से अजय मिश्र टेनी, फतेहपुर से साध्वी निरंजन ज्योति, इटावा से रामशंकर कठेरिया शामिल हैं.
बीजेपी को 240, कांग्रेस को 99 पर जीत
वहीं अगर 543 सीटों की बात करें तो बीजेपी को 240, कांग्रेस 99, समाजवादी पार्टी 37, तृणमूल कांग्रेस 29, डीएमके 22, टीडीपी को 16, जेडीयू को 12, शिवसेना (यूबीटी) को 9, एनसीपी (शरद पवार) को आठ, शिवसेना को 7, एलजेपी रामविलास को 5, YSRCP को 4, आरजेडी को 4, सीपीआईएम को 4, IUML-AAP-JMM को 3-3-3 सीटें मिली हैं. इसके अलावा पवन कल्याण की जनसेना, CPIML, JDUS, RLD, JKN को 2-2-2-2-2 सीटें मिली हैं. कुछ पार्टियों को एक-एक और 7 निर्दलीय इस चुनाव में जीते हैं.