उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में जिम की आड़ में धर्मांतरण का रैकेट चलाने वाला मास्टरमाइंड इमरान आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंच गया है. दुबई भागने की तैयारी कर रहे इमरान को पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया जिसके बाद सलाखों में बंद आरोपी की तस्वीर भी सामने आई है.
धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने इमरान पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी. इस पूरे मामले का खुलासा उस वक्त हुआ था जब एक महिला ने 1090 महिला हेल्पलाइन पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई.
देश छोड़कर भागने की कोशिश नाकाम
शिकायत के बाद पुलिस ने जब आरोपियों के मोबाइल की जांच की तो एक पासवर्ड-प्रोटेक्टेड फोल्डर में जो मिला उसने पुलिस को भी हैरान और परेशान कर दिया. इस फोल्डर में 50 से अधिक महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो पाए गए, जिनमें घूमने-फिरने, यात्राओं और यहां तक कि निकाह से जुड़ी तस्वीरें भी शामिल थीं.

जांच के दौरान सामने आया कि यह नेटवर्क मिर्जापुर के कई जिम KGN 1, KGN 2.0, KGN 3, आयरन फायर और फिटनेस क्लब के जरिए संचालित हो रहा था. पुलिस ने इस मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक पुलिसकर्मी भी शामिल है, जबकि दो आरोपी पहले फरार बताए गए थे.
कैसे खुली 'जिम जिहाद' की पोल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इमरान सिर्फ मिर्जापुर तक सीमित नहीं था, बल्कि उसके तार विदेशों तक जुड़े हुए हैं. जांच में सामने आया है कि वह मलेशिया और दुबई की कई यात्राएं कर चुका है. 27 जनवरी 2024 को उसके दुबई जाने की पुष्टि पासपोर्ट रिकॉर्ड से हुई है. आज तक के पास मौजूद दस्तावेज़ों के अनुसार, दुबई में इमरान ने कई संदिग्ध लोगों से मुलाकात की और धर्मांतरण से जुड़ी फंडिंग को लेकर बातचीत हुई.

सूत्रों का दावा है कि इमरान विदेश यात्राओं पर लाखों रुपये खर्च करता था, जिससे यह शक और गहराता है कि नेटवर्क को बाहर से आर्थिक सहयोग मिल रहा था. अब पुलिस उससे पूछताछ कर यह जानने की कोशिश करेगी कि दुबई और मलेशिया में उसकी मुलाकातें किन लोगों से हुईं और नेटवर्क कितना बड़ा है.
इस मामले में अब तक दो महिलाओं ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जबकि 25 से 30 महिलाएं अप्रत्यक्ष रूप से सामने आ चुकी हैं. पुलिस का कहना है कि डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच को और आगे बढ़ाया जा रहा है.