मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव से अपहृत की गई दलित युवती को पुलिस ने बीते दिनों बरामद कर लिया था. न्यायालय में युवती के बयान दर्ज कराए जाने के बाद उसकी काउंसलिंग के लिए उसे आशा ज्योति केंद्र भेजा गया था. सोमवार देर शाम काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद युवती को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया. इसके बाद पुलिस सुरक्षा में युवती को उसके घर भेजा गया.
जानकारी के अनुसार, कपसाड़ गांव निवासी दलित युवती का गांव के ही रहने वाले पारस सोम ने अपहरण कर लिया था. घटना के दौरान युवती की मां ने जब विरोध किया तो आरोपी ने धारदार हथियार से उनके सिर पर हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल मां की इलाज के दौरान मौत हो गई थी.
इस मामले के बाद से पुलिस युवती की तलाश में जुटी हुई थी और आखिरकार पुलिस ने सहारनपुर से युवती को आरोपी पारस सोम के साथ बरामद कर लिया. बरामदगी के बाद युवती रूबी के एसीजेएम न्यायालय में धारा-164 के तहत बयान दर्ज कराए गए. इसके बाद काउंसलिंग के उद्देश्य से उसे आशा ज्योति केंद्र भेजा गया. वहीं, आरोपी पारस सोम को स्पेशल सीजेएम न्यायालय में पेश कर 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला कारागार भेज दिया गया.
बीते सोमवार को युवती से मिलने के लिए उसके परिजन आशा ज्योति केंद्र पहुंचे. इस दौरान केंद्र के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा. काफी देर तक मुलाकात के बाद युवती को उसके भाई नरसी और अन्य परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया. पुलिस ने युवती को सुरक्षा के बीच उसके घर तक पहुंचाया.
उधर, आरोपी पारस सोम को जेल भेजे जाने के संबंध में वरिष्ठ कारागार अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जेल में आने वाले नए बंदियों को मुलाहिजा बैरक में रखा जाता है और पारस सोम को भी वहीं रखा गया है. उन्होंने बताया कि पारस सोम ने खुद को नाबालिग बताया है और दावा किया है कि उसका वकील इस संबंध में न्यायालय में साक्ष्य पेश करेगा.