उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. स्वाट टीम, सर्विलांस टीम और थाना लोहियानगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध पिस्टल बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए 11 को गिरफ्तार किया गया है.
मौके से भारी मात्रा में अवैध हथियार और निर्माण में प्रयुक्त उपकरण भी बरामद किए गए हैं. पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नगर व पुलिस अधीक्षक अपराध के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी कोतवाली के पर्यवेक्षण में की गई.
26 अप्रैल 2026 को स्वाट टीम प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़ को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम अल्लीपुर में एक मकान के तहखाने में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री संचालित हो रही है. बताया गया कि मकान में एक डबल बेड पड़ा हुआ है जिसके नीचे एक तहखाना बना हुआ है उस तहखाने में एक अवैध असलहा फैक्ट्री चलाई जा रही है.
बेड में तहखाना, तहखाने में फैक्ट्री
ये सूचना सही साबित हुई. यहां बेड के अंदर एक तहखाना था जिसमें नीचे की ओर सीढ़ियां जा रही थीं और वहां असलहा फैक्ट्री का संचालन हो रहा था. टीम ने छापा मारकर मौके से 33 साल के असलम निवासी जाहिदपुर को गिरफ्तार किया. पूछताछ में असलम ने खुलासा किया कि वह अपने साथियों उमर (मुजफ्फरनगर), इरफान (मुरादाबाद), नदीम और रहीमुद्दीन (मेरठ) के साथ मिलकर अवैध पिस्टल बनाता था. फैक्ट्री का संचालन रहीमुद्दीन करता था, जो कच्चा माल उपलब्ध कराता और तैयार हथियारों को अलग-अलग पार्टियों को बेचकर मुनाफा बांटता था.
छापेमारी में 11 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया. इनमें लिसाड़ीगेट, ब्रह्मपुरी, टीपीनगर, बागपत और मुजफ्फरनगर के निवासी शामिल हैं. पुलिस के अनुसार सभी आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं और कई के खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं.
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 तैयार पिस्टल (.32 बोर), 3 अधबनी पिस्टल, 2 स्लाइड, 2 बैरल, 12 मैगजीन सहित भारी मात्रा में हथियार बनाने के उपकरण जैसे ग्राइंडर, शिकंजे, आरी, हथौड़ी और रेती आदि बरामद किए हैं. पुलिस ने इस मामले में थाना लोहियानगर पर मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है.