मेरठ पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए एक नाइजीरियाई नागरिक को हिरासत में लिया है. आरोपी सुभारती यूनिवर्सिटी में नर्सिंग की पढ़ाई कर रहा था और इसी दौरान साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहा था. पुलिस के अनुसार, आरोपी के बैंक खाते में करोड़ों रुपये की ठगी की रकम आने की आशंका है. उसका एक अन्य नाइजीरियाई साथी फरार बताया जा रहा है, जो हरियाणा में नर्सिंग की पढ़ाई पूरी कर चुका है.
इस मामले में थाना टीपी नगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया है. पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसकी जांच की जा रही है.
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दो साल से चला रहा था नेटवर्क
मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम के अनुसार, गिरफ्तार नाइजीरियाई नागरिक उमर सुभारती यूनिवर्सिटी में नर्सिंग का छात्र है और पिछले दो वर्षों से साइबर ठगी में सक्रिय था. जांच में उसके बैंक खाते से करीब 45 लाख रुपये के लेनदेन का पता चला है.
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसके साथ कई अन्य साथी भी इस नेटवर्क में शामिल हैं. पुलिस अब इन साथियों की पहचान और लोकेशन का पता लगाने में जुटी है. आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है.
नाइजीरिया तक फैला नेटवर्क, साथी फरार
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी उमर ने 2022-23 में सुभारती कॉलेज में दाखिला लिया था और पढ़ाई के साथ-साथ साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहा था. उसके खाते में 45 लाख रुपये का लेनदेन सामने आया है, जबकि कुल ट्रांजैक्शन करोड़ों में होने की बात कही जा रही है.
आरोपी का एक साथी यूसुफ बताया जा रहा है, जो नाइजीरियाई नागरिक है और खातों में पैसे डलवाने के बाद निकालने का काम करता था. बताया जा रहा है कि यूसुफ अपनी पढ़ाई पूरी कर हरियाणा से नाइजीरिया चला गया है.
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल मेरठ पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके संचालन के तरीकों का पता लगाया जा सके. पुलिस का कहना है कि इस मामले में अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की भी जांच की जा रही है.
अधिकारियों के अनुसार, आगे की कार्रवाई पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी. पुलिस पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के लिए हर पहलू की जांच कर रही है.