लखनऊ यूनिवर्सिटी में नमाज विवाद को लेकर तनाव गहरा गया है. नमाज के पक्ष वाले छात्रों के प्रॉक्टर दफ्तर पहुंचने पर दूसरी हिंदू पक्ष के छात्रों ने दफ्तर को बाहर से घेरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. दूसरे गुट का साफ कहना है कि यदि दोबारा बारादरी के पास नमाज पढ़ी गई, तो वे उन्हें वहां से खदेड़ देंगे. मौके पर भारी पुलिस बल दोनों पक्षों को शांत कराने और टकराव रोकने में जुटा है. प्रॉक्टर दफ्तर के बाहर भारी नारेबाजी और गहमागहमी का माहौल बना हुआ है.
फिलहाल यूनिवर्सिटी परिसर स्थित ऐतिहासिक लाल बारादरी में फेंसिंग और साफ-सफाई का कार्य शुरू होने के साथ ही कैंपस में हलचल तेज हो गई है. छात्र संगठनों में विरोध की सुगबुगाहट पहले से ही दिखाई दे रही थी. यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक पत्रों के अनुसार, लाल बारादरी जर्जर अवस्था में है और आसपास जंगली पौधे उग आने के कारण किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए परिसर की सफाई और चारों तरफ फेंसिंग कराने का निर्णय लिया गया.
कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा ने निर्माण विभाग को निर्देशित करते हुए लाल बारादरी परिसर को सुरक्षित करने और चारों ओर फेंसिंग लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा था. इसके साथ ही प्रशासन ने संभावित विरोध को देखते हुए पहले ही पुलिस को भी अलर्ट कर दिया था.
लखनऊ यूनिवर्सिटी के कुलसचिव द्वारा थाना हसनगंज प्रभारी को भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से 22 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे लाल बारादरी के पास पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके. प्रशासन के इस कदम से यह संकेत मिल गया था कि फेंसिंग कार्य शुरू होने पर छात्र संगठनों की ओर से विरोध हो सकता है.
लाल बारादरी में कार्य शुरू होते ही छात्र संगठनों ने नाराजगी जताई और प्रदर्शन की चेतावनी दी. छात्रों का कहना है कि बिना संवाद के इस तरह की कार्रवाई से कैंपस का माहौल प्रभावित हो रहा है. वहीं, प्रशासन का पक्ष है कि यह कदम पूरी तरह सुरक्षा कारणों से उठाया गया है, क्योंकि इमारत की स्थिति कमजोर है और छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. फेंसिंग कार्य और सुरक्षा व्यवस्था के चलते विश्वविद्यालय परिसर में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.