उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में लोगों की शराब की लत छुड़वाने के लिए बिजली का करंट दिया जा रहा है. डॉक्टर इस खास तकनीक का प्रयोग किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (King George Medical University) में कर रहे हैं. इसके माध्यम से अब तक 17 मरीजों की शराब की लत छुड़वाई जा चुकी है.
जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (KGMU) में डॉक्टर शराब की लत छुड़वाने के लिए बिजली का करंट दे रहे हैं. इसे ट्रांसकार्नियल डायरेक्ट करंट स्टिम्युलेशन तकनीक कहा जा रहा है. इसमें परंपरागत रूप से इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रो थेरेपी (electro therapy) में मरीज को बेहोश किया जाता है, इसके बाद उसे करंट (electric shock) दिया जाता है.
हालांकि पहले बिना बेहोश किए ऐसा किया जाता था, लेकिन अब इस पर रोक लग गई है. इसमें मरीज को बैठाकर सिर के कुछ हिस्सों में खास उपकरण लगाकर उनमें करंट दिया जाता है, इससे मरीज को टिक टिक की आवाज सुनाई देती है. इस करंट को दो मिली एम्पियर पर रखा जाता है.
34 मरीजों पर किया गया टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
नई टेक्नोलॉजी का प्रभाव जानने के लिए शराब की लत वाले 34 मरीजों को दो ग्रुप में डिवाइड किया गया. उनके सिर पर उपकरण लगाए गए. पहले ग्रुप के मरीजों को करंट दिया गया. इसके बाद एक हफ्ते में बीस मिनट की पांच सेशन के बाद जब एनालिसिस किया गया, तब पता चला कि नई तकनीक से करंट वाले सभी मरीजों में शराब की लत पूरी तरीके से छूट गई और करंट का कोई दुष्प्रभाव भी नहीं दिखा.
टेक्नोलॉजी को लेकर डॉक्टर ने क्या बताया?
KGMC के डॉक्टर अमित आर्या के मुताबिक, दिमाग एक इलेक्ट्रिक आर्गन है और इलेक्ट्रिक सिग्नल (electric signal) पास करता है. इस सिग्नल में कुछ समस्या होने पर किसी चीज की लत लग जाती है, स्ट्रेस आ जाता है. जैसे अन्य समस्याएं आती हैं. दिमाग के कुछ विशेष हिस्से में बिजली का करंट देकर इन इलेक्ट्रिक सिग्नल को पहले की अवस्था में लाया जाता है, जिससे मरीज सामान्य अवस्था में आ जाता है और शराब की लत छूट जाती है.