UP News: राजधानी लखनऊ में मामूली विवाद होने पर ई-रिक्शा चालक को कार की खिड़की में लटकाकर 2 किलोमीटर तक घसीटा गया. सूचना मिलने पर पुलिस ने चेकिंग के दौरान बैरिकेडिंग लगाकर जैसे-तैसे गाड़ी को रोका.आरोपियों के खिलाफ अपहरण सहित जान से मारने की धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई की गई है.
दरअसल, लखनऊ के थाना जानकीपुरम इलाके में नाई सत्तार का सलून है. सत्तार अपना E-Rikshaw भी चलवाता है. ई-रिक्शा को हर्षित नाम का युवक चलाता है. शाम को दुकान बंद करने के बाद हर्षित और सत्तार ई-रिक्शा से घर जा रहे थे. इस दौरान एक कार सवार युवकों से ई-रिक्शा टच हो जाने से दोनों की बहस हो गई.
आरोप है कि इस दौरान कार सवार युवकों ने गाली-गलौज शुरू कर दी. नाई सत्तार ने गाली देने से मना किया और कार की खिड़की पर हाथ रखकर अंदर बैठे युवकों को समझाने लगा. इसी बीच, जब तक ई-रिक्शा वाला सत्तार कुछ समझ पाता, तब तक कार सवारों ने उसे हाथ पकड़कर अंदर की तरफ खींच लिया और गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी.
सत्तार करीब 2 किलोमीटर तक कार की विंडो में लटका रहा. चीखने चिल्लाने पर भी आरोपी उसका हाथ नहीं छोड़ रहे थे. तभी बिठौली क्रॉसिंग के पास चेकिंग कर रही पुलिस ने दूर से देखा कि एक कार पर खिड़की पर एक व्यक्ति लटका हुआ मदद के लिए चिल्ला रहा है. पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाई और गाड़ी को रोका.
इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित को सड़क पर गिरा दिया और फरार होने की कोशिश की. लेकिन पुलिस ने घेराबंदी करके दोनों कार सवार बृजेश और आकाश को गिरफ्तार कर लिया. वहीं, सड़क पर गिरने की वजह से घायल पीड़ित सत्तार को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर उसका इलाज किया जा रहा है.
डीसीपी नॉर्थ जोन सैयद कासिम आब्दी के मुताबिक, ई रिक्शा मालिक सत्तार की तहरीर पर बृजेश और आकाश के खिलाफ अपहरण की धारा में केस दर्ज कर लिया गया है. आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है. अब आगे की कार्रवाई की जा रही है.