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आज लखनऊ में 'गो प्रतिष्ठा धर्म-युद्ध' के लिए उतरेंगे अविमुक्तेश्वरानंद, प्रशासन मुस्तैद, 'असली हिंदुओं' को दिया न्योता

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती आज लखनऊ के कांशीराम प्रेरणा स्थल पर 'गौ प्रतिष्ठा धर्म युद्ध' का आगाज करेंगे. प्रशासन ने भड़काऊ भाषण और जुलूस पर रोक जैसी 26 कड़ी शर्तों के साथ इस कार्यक्रम की अनुमति दी है, जिसमें गौमय गणेश की पूजा और ध्वज स्थापना मुख्य आकर्षण होंगे.

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ रक्षा के लिए यात्रा शुरू की है (फाइल फोटो- PTI)
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ रक्षा के लिए यात्रा शुरू की है (फाइल फोटो- PTI)

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बुधवार को लखनऊ के कांशीराम प्रेरणा स्थल पर गौ रक्षा के लिए 'गौ प्रतिष्ठा धर्म युद्ध' का शंखनाद कर रहे हैं. वह विजय मुहूर्त में गौमय गणेश की पूजा और गौ प्रतिष्ठा ध्वज की स्थापना के साथ अपना आंदोलन शुरू करेंगे. लखनऊ जिला प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 26 शर्तों के साथ इस सभा को हरी झंडी दी है. इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य गाय को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाना है. 

प्रशासन की 26 शर्तें और पाबंदियां

लखनऊ जिला प्रशासन ने कार्यक्रम के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं. किसी भी धर्म, जाति या भाषा के खिलाफ भड़काऊ भाषण देना पूरी तरह प्रतिबंधित है. आयोजकों को स्पष्ट किया गया है कि वे बिना अनुमति के कोई जुलूस या शोभा यात्रा नहीं निकाल सकते. इसके अलावा, लाउडस्पीकर का उपयोग सुप्रीम कोर्ट के मानकों के अनुसार रात 10 बजे तक ही होगा और ध्वनि स्तर 75 डेसीबल से अधिक नहीं रखा जा सकता.

विवादों के बीच पहुंचे स्वामी

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले कुछ समय से विवादों में भी रहे हैं. उन पर रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने यौन शोषण और जानलेवा हमले जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है, हालांकि हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है. स्वामी ने वीडियो संदेश जारी कर समर्थकों से अपील की है कि जो लखनऊ नहीं आ सकते, वे दोपहर ढाई बजे से लाइव जुड़कर अपने घरों में ही शंखनाद करें. उन्होंने कहा कि जो 'असली हिंदू' होगा वो उनके आंदोलन से जुड़ेगा. ऐसे लोगों को खुले हृदय से स्वागत है. फिलहाल, कार्यक्रम स्थल पर भारी पुलिस बल मौजूद है.  

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सुरक्षा और आयोजन की जिम्मेदारी

आयोजन स्थल पर सुरक्षा की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी और पुलिस बल का खर्च भी उन्हें ही उठाना होगा. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन हुआ, तो अनुमति तुरंत रद्द कर दी जाएगी. पंडाल में सिंथेटिक सामग्री का उपयोग वर्जित है और पार्किंग की व्यवस्था सड़क पर न करने के निर्देश दिए गए हैं.

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