यूपी के फतेहपुर जिले में एक किसान की निर्मम हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. समलैंगिक रिश्तों में रोड़ा बन रहे किसान पति को पत्नी ने ही अपनी महिला प्रेमी के साथ मिलकर रास्ते से हटाने की साजिश रची थी. इसके लिए उसने 60 हजार रुपये की सुपारी दी थी. फ़िलहाल, पुलिस ने हत्यारोपी पत्नी,उसकी महिला प्रेमी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है. साथ ही फरार चल रहे दो हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.
जानिए पूरा मामला
आपको बता दें कि 14 जनवरी को असोथर थाना क्षेत्र के टीकर गांव में किसान सुमेर सिंह की हत्या कर दी गई थी. हत्या के बाद आरोपियों ने शव को अरहर के खेत में फेंक दिया था, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था. पुलिस जब इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने में जुटी तो एक हैरान करने वाला मामला सामने आया.
फतेहपुर पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि मृतक सुमेर सिंह की पत्नी रेनू देवी और मालती देवी नाम की महिला के बीच करीब डेढ़ साल से समलैंगिक संबंध थे. यह रिश्ता धीरे-धीरे इतना गहरा हो गया कि दोनों एक-दूसरे के साथ स्वतंत्र जीवन बिताना चाहती थीं.
बताया गया कि मालती देवी की पूर्व में तीन शादियां हो चुकी थीं लेकिन इसके बावजूद वह अक्सर सुमेर सिंह के घर आती-जाती थी और अधिकतर समय उसकी पत्नी रेनू के साथ ही बिताती थी. जब इस संबंध की जानकारी सुमेर और उसके परिजनों को हुई, तो उन्होंने मालती को घर आकर रेनू से मिलने और बातचीत करने पर पाबंदी लगा दी.
मोबाइल से घंटों बात
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद मालती देवी ने रेनू को चोरी-छिपे एक छोटा कीपैड मोबाइल फोन दे दिया, जिससे दोनों के बीच लंबी बातचीत होती रही. इन्हीं बातचीत के दौरान सुमेर सिंह को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई. हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए मालती देवी ने अपने पुराने परिचित जितेंद्र गुप्ता उर्फ जिद्दी से संपर्क किया. उसे 60 हजार रुपये की सुपारी दी गई. 8 हजार नकद रेनू ने मालती के माध्यम से जितेंद्र को दिए, जबकि बाकी रकम हत्या के बाद देने की बात तय हुई.
चाकू से गला काटकर बेरहमी से हत्या
घटना वाले दिन जितेंद्र अपने साथियों राजू सोनकर और रामप्रकाश के साथ पहले से घात लगाए बैठा था. जैसे ही सुमेर मौके पर पहुंचा तो आरोपियों ने पहले रस्सी से उसका गला दबाया और फिर चाकू से गला काटकर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी. इसके बाद शव को अरहर के खेत में फेंककर सभी फरार हो गए.
पुलिस ने पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश होने के बाद मालती देवी, मृतक की पत्नी रेनू देवी और घटना में शामिल राजू सोनकर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हत्यारे जितेंद्र गुप्ता उर्फ जिद्दी और उसका साथी रामप्रकाश फिलहाल फरार चल रहे हैं. उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, हत्या में प्रयुक्त रस्सी बरामद की है. मामले का खुलासा करते हुए एसपी अनूप सिंह ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और लगातार दबिश दी जा रही है. जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.