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खतौली उपचुनावः 'विक्रम सैनी के चुनाव प्रचार करने पर लगे रोक, कटे मतदाता सूची से नाम' RLD की मांग

आरएलडी ने मुजफ्फरनगर जिले की खतौली विधानसभा सीट से उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार राजकुमारी सैनी के पति विक्रम सैनी के चुनाव प्रचार करने पर रोक लगाने और उनका नाम मतदाता सूची से काटने की मांग की है.

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विक्रम सैनी (फाइल फोटो)
विक्रम सैनी (फाइल फोटो)

यूपी की रिक्त चल रही दो विधानसभा और एक लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव हो रहे हैं. मुजफ्फरनगर जिले की खतौली और रामपुर विधानसभा सीट के साथ ही मैनपुरी लोकसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में जीत के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही खेमे पूरा जोर लगा रहे हैं. 5 दिसंबर को मतदान होना है और मतदान की तिथि जैसे-जैसे करीब आ रही है, बयानी जंग तीखी होती जा रही है.

राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) ने खतौली सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की उम्मीदवार राजकुमारी सैनी के पति का नाम वोटर लिस्ट से काटने और उनके चुनाव प्रचार करने पर रोक लगाने की मांग की है. आरएलडी के जिलाध्यक्ष संदीप मलिक ने इसे लेकर  मुजफ्फरनगर के जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा है. आरएलडी के जिलाध्यक्ष ने पत्र की प्रति यूपी के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भी भेजी है.

जिला निर्वाचन अधिकारी को लिखे अपने पत्र में संदीप मलिक ने कहा है कि खतौली विधानसभा सीट से विधायक रहे विक्रम सैनी को दंगो के मामले में सजा सुनाई जा चुकी है. उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी को लिखे अपने पत्र में कहा है कि इसी वजह से विक्रम सैनी की विधानसभा की सदस्यता समाप्त हुई और खतौली विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं.

आरएलडी के जिलाध्यक्ष ने कहा है कि विक्रम सैनी की सजा को हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा है. उन्होंने मांग की है कि कानूनी रूप से विक्रम सैनी का मताधिकार समाप्त कर दिया जाना चाहिए. संदीप मलिक ने ये भी कहा है कि विक्रम सैनी पहले भी मुजफ्फरनगर में माहौल खराब कर चुके हैं और अब भी माहौल बिगाड़ने की मंशा के साथ काम कर रहे हैं.

उन्होंने ये भी आशंका जताई है कि उपचुनाव में बीजेपी की उम्मीदवार अपनी पत्नी राजकुमारी सैनी को जिताने के लिए वे किसी भी सीमा तक जा सकते हैं, कानून का उल्लंघन कर सकते हैं. विक्रम सैनी खतौली विधानसभा क्षेत्र में माहौल बिगाड़ सकते हैं. आरएलडी जिलाध्यक्ष ने विक्रम सैनी का नाम मतदातासूची से काटने के साथ ही उनके चुनाव प्रचार करने पर रोक लगाने की भी मांग की है.

रामपुर में कटा था आजम खान का नाम

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को एमपी-एमएलए कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द हो गई थी. आजम खान को सजा सुनाए जाने के बाद रिक्त हुई रामपुर सीट पर भी खतौली के साथ ही उपचुनाव हो रहे हैं. रामपुर में बीजेपी के आकाश सक्सेना ने प्रार्थना पत्र देकर आजम खान का वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने की अपील की थी.

आकाश सक्सेना के प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई करते हुए रामपुर निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने आजम खान का नाम मतदाता सूची से काटे जाने का आदेश दिया था. आजम खान का नाम मतदाता सूची से काटे जाने के आदेश में लोक प्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 16 के तहत भ्रष्ट आचरण साबित हो जाने के बाद वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने के नियम का हवाला दिया गया था. अब इसी को आधार बनाकर खतौली में सपा के गठबंधन सहयोगी आरएलडी ने भी जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रार्थना पत्र दे दिया है.

 

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