लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में महिला डॉक्टर से यौन शोषण मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट डॉ. रमीज और उसके माता-पिता के खिलाफ दायर की गई है. आरोपों में दुष्कर्म, जबरन गर्भपात और अवैध धर्मांतरण शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक चौक पुलिस स्टेशन की तरफ से दाखिल ये चार्जशीट 800 पन्नों की है.
चार्जशीट में दो पीड़िताओं के बयान और अन्य साक्ष्यों को शामिल किया गया है. पीड़िता की तहरीर के आधार पर चौक थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था. पुलिस की तरफ से चार्जशीट पीड़ितों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तैयार की गई है.
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यूनिवर्सिटी के ओएसडी के खिलाफ भी होगी जांच
मामले में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी की कुलपति के ओएसडी सैयद अब्बास के खिलाफ भी जांच होगी. जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक समिति का गठन कर दिया है. सैयद अब्बास पर आरोपी डॉक्टर को बचाने का आरोप लगा था. आरोप में कहा गया है कि उनकी तरफ से यूनिवर्सिटी में कई धार्मिक आयोजन भी करवाए जा रहे थे.
नेशनल मेडिकोज़ ऑर्गेनाइजेशन ने अपने आंदोलन के दौरान आरोप लगाया था कि संबंधित व्यक्ति को नियमों के विरुद्ध कुलपति कार्यालय में तैनात किया गया था. साथ ही संगठन का कहना था कि नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी और नियमानुसार नहीं थी. बाद में केजीएमयू प्रशासन ने सैयद अब्बास को चुपचाप पद से हटा दिया था.
क्या है मामला
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के एक रेजिडेंट डॉक्टर, रमीज के खिलाफ साथी डॉक्टर ने शादी का झूठा वादा करके यौन शोषण करने, इस्लाम कबूल करने के लिए दबाव डालने व ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया था. साथ ही महिला डॉक्टर ने रमीज पर खुद के शादीशुदा होने की खबर को छिपाने का भी आरोप लगाया था. FIR के अनुसार जब उसने रमीज पर चीज़ों को ऑफिशियल बनाने के लिए दबाव डालना शुरू किया, तो उसने शर्त रखी कि वह उससे शादी करने के लिए इस्लाम धर्म अपना ले.
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हालांकि जब शिकायत करने वाली महिला ने सच्चाई जानने के बाद खुद को उससे दूर करने की कोशिश की, तो रमीज़ ने कथित तौर पर उसकी प्राइवेट फ़ोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी दी. शिकायत करने वाली ने यह भी आरोप लगाया है कि वह सितंबर में प्रेग्नेंट हो गई और रमीज़ ने उसे मेडिकल अबॉर्शन के लिए मजबूर किया. उसने कहा कि इसके बावजूद वह उसे अपनी शादीशुदा ज़िंदगी के बारे में अंधेरे में रखते हुए और शादी के वादे दोहराते हुए उसका शारीरिक शोषण करता रहा.
महिला डॉक्टर ने की थी सुसाइड की कोशिश
धर्म बदलने के लिए कहे जा रहे दबाव और बार-बार परेशान करने की वजह से महिला को बहुत ज़्यादा मानसिक परेशानी हुई, जिससे 17 दिसंबर को उसने बहुत सारी नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. उसके दोस्त उसे ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने किसी तरह उसकी जान बचाई.