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गर्भावस्था में भी नहीं मिली राहत, KGMU की महिला फार्मासिस्ट ने लगाए गंभीर आरोप

लखनऊ के केजीएमयू में एक महिला फार्मासिस्ट ने कुलपति को पत्र लिखकर प्रशासनिक उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि गर्भावस्था के दौरान भी उन्हें राहत नहीं दी गई और नाइट ड्यूटी का दबाव बनाया गया. आउटलेट इंचार्ज और वित्तीय सलाहकार पर अपमानजनक व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं.

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किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (File Photo: ITG)
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (File Photo: ITG)

लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में एक महिला फार्मासिस्ट ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कुलपति को पत्र लिखकर प्रशासनिक उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की शिकायत की है.

महिला कर्मचारी का कहना है कि गर्भवती होने के बावजूद उन्हें ड्यूटी में किसी तरह की राहत नहीं दी गई. उन्होंने आरोप लगाया कि नाइट ड्यूटी को लेकर उन पर लगातार दबाव बनाया गया. उनका यह भी कहना है कि आउटलेट इंचार्ज सीमा का व्यवहार लगातार अपमानजनक रहा. अवकाश के दौरान भी उनसे स्वयं अपना विकल्प देने का दबाव डाला जाता था.

महिला फार्मासिस्ट ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए 

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि उन्हें वॉशरूम की चाबी न देने जैसी घटनाएं हुईं, जिसे उन्होंने महिला गरिमा के खिलाफ बताया है. उनका कहना है कि कार्यस्थल पर इस तरह का व्यवहार मानसिक रूप से परेशान करने वाला था.

महिला फार्मासिस्ट ने इस्तीफा देने के बाद भी स्थिति सामान्य न होने की बात कही है. उन्होंने वित्तीय सलाहकार दिनेश श्रीवास्तव पर अपमानजनक टिप्पणी और प्रतिशोधात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया है. उनके अनुसार इस्तीफे के बाद भी उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया.

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विश्वविद्यालय प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की

उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. साथ ही यह भी कहा है कि भविष्य में महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित और संवेदनशील कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
 

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