उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से स्वास्थ्य विभाग को कठघरे में खड़ा करने वाला एक मामला सामने आया है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मूरतगंज के प्रसव कक्ष में चेकिंग के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कथित अमानवीय व्यवहार कैमरे में कैद हो गया. वायरल वीडियो में सीएमओ डॉ. संजय कुमार एक आशा कार्यकर्ता को फटकार लगाते और अंग्रेजी शब्दों में 'भागो यहां से, गेट आउट, गेट लॉस्ट' कहते हुए प्रसव कक्ष से बाहर निकालते दिखाई दे रहे हैं.
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं. लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या स्वास्थ्यकर्मियों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित है, खासकर तब जब वे ड्यूटी के दौरान मरीजों की सेवा में लगे हों.
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प्रसव कक्ष में जांच के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, कासिया पश्चिम गांव की रहने वाली आशा बहू सुनीता देवी, सुनैना नाम की महिला को प्रसव के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मूरतगंज लेकर पहुंची थीं. डिलीवरी के समय प्रसूता की सास भी वार्ड में मौजूद थीं. इसी दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार प्रसव कक्ष का निरीक्षण करने पहुंचे.
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने प्रसूता की सास से बातचीत करते हुए पूछा कि डिलीवरी के दौरान किसी तरह की कोई परेशानी तो नहीं हुई. साथ ही यह भी सवाल किया गया कि किसी कर्मचारी ने पैसे की मांग तो नहीं की और खाने-पीने को लेकर कोई खर्च तो नहीं हुआ. जांच का मकसद व्यवस्थाओं की हकीकत जानना बताया जा रहा है.
आशा कार्यकर्ता के हस्तक्षेप पर भड़के सीएमओ
बातचीत के दौरान आशा बहू सुनीता देवी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हुई है और न ही किसी ने पैसे की मांग की है. बताया जा रहा है कि इसी बात पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी नाराज हो गए. इसके बाद उन्होंने आशा बहू को कड़ी फटकार लगाते हुए प्रसव कक्ष से बाहर जाने को कहा.
देखें वीडियो...
घटना के समय वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया. यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में सीएमओ का लहजा और शब्दों का चयन लोगों को चौंका रहा है, जिससे मामला और ज्यादा गंभीर हो गया है.
सीएमओ की सफाई भी आई सामने
इस पूरे मामले पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार की सफाई भी सामने आई है. उन्होंने बताया कि रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेला आयोजित किया जाता है और उसी दौरान मूरतगंज पीएससी में एक महिला डिलीवरी के लिए आई थी. उस समय उसकी सास वार्ड में मौजूद थीं.
सीएमओ के अनुसार, उन्होंने केवल यह जानकारी ली कि डिलीवरी के दौरान कोई परेशानी या अवैध वसूली तो नहीं हुई. उनका कहना है कि आशा बहू बार-बार बातचीत में हस्तक्षेप कर रही थीं, जिस वजह से उन्हें फटकार लगाई गई. हालांकि, वायरल वीडियो के बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा और सवाल दोनों जारी हैं.