कानपुर लैंबोर्गिनी हादसे में पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा की पहचान कर ली है. जांच के लिए पुलिस की टीम शिवम के घर पहुंची, लेकिन परिवार ने दरवाजा तक नहीं खोला. कमिश्नर का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
कानपुर में तेज रफ्तार लैंबोर्गिनी से हुए हादसे की जांच के सिलसिले में दारोगा शैलेश कुमार पांडेय अपनी टीम के साथ आरोपी शिवम मिश्रा के घर पहुंचे. पुलिस ने करीब आधे घंटे तक शिवम के घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद टीम को वापस लौटना पड़ा.
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने पुष्टि की है कि कार केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा चला रहे थे. हादसे के तुरंत बाद बाउंसरों ने शिवम को कार से बाहर निकाला था. फिलहाल पुलिस कार जब्त कर चुकी है और आरोपी के मेडिकल दावों की जांच कर रही है.
'कानून सबके लिए बराबर'
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने स्पष्ट किया कि एफआईआर पहले ही दर्ज हो चुकी है. शुरुआती रिपोर्ट में ड्राइवर का नाम अज्ञात था क्योंकि घायल को उसकी पहचान नहीं पता थी, लेकिन अब विवेचना में शिवम मिश्रा का नाम सामने आया है.
कमिश्नर ने कहा कि चाहे लैंबोर्गिनी हो या कोई छोटी कार, कानून सबके लिए समान है. आरोपी के पक्ष द्वारा किसी मेडिकल समस्या की बात कही जा रही है, पुलिस इसकी भी गहराई से पड़ताल करेगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे.
घर पर ताला और अस्पताल में आरोपी
हादसे के बाद से ही शिवम मिश्रा विवादों में हैं. ताजा जानकारी के मुताबिक, शिवम वर्तमान में अस्पताल में भर्ती बताए जा रहे हैं. जब पुलिस की टीम उनके आवास पर पहुंची तो वहां सन्नाटा पसरा मिला. दारोगा शैलेश पांडेय ने बताया कि उन्हें विशेष रूप से जांच और पूछताछ के लिए भेजा गया था, लेकिन घर के अंदर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने के कारण आगे की प्रक्रिया बाधित हुई है.