कानपुर के परमट स्थित प्राथमिक विद्यालय के शिलान्यास को लेकर शुरू हुआ विवाद अब खुलकर राजनीतिक टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है. समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेयी के बयान और डमरू बजाते हुए सामने आए वीडियो के बाद प्रशासन ने एहतियातन उनके आवास पर पुलिस बल तैनात कर दिया. वर्चुअल शिलान्यास और हवन-पूजन की घोषणा के बीच समर्थकों के प्रदर्शन से माहौल और गरमा गया.
दरअसल, पिछले दो दिनों से परमट प्राथमिक विद्यालय के शिलान्यास को लेकर भाजपा और सपा समर्थकों के बीच लगातार तनातनी बनी हुई है. विधायक द्वारा लगाए गए शिलान्यास संबंधी बैनरों के बाद विवाद की शुरुआत हुई. इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई.
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बुधवार को सपा विधायक और भाजपा नेता सुरेश अवस्थी के समर्थकों के बीच जमकर नारेबाजी हुई, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया. दोनों पक्षों की मौजूदगी के कारण पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया और हालात पर नजर बनाए रखी गई.
शिलान्यास से पहले विधायक घर में नजरबंद
गुरुवार को प्रस्तावित शिलान्यास कार्यक्रम से पहले पुलिस प्रशासन ने एहतियातन विधायक को उनके आवास तक सीमित कर दिया. प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाया. काकादेव स्थित विधायक आवास के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक जुट गए और जमकर नारेबाजी की.
इसी दौरान विधायक का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे डमरू बजाते हुए स्कूल निर्माण को बच्चों के सपनों से जोड़ते नजर आए. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बच्चों का अधूरा सपना “बाबा भोलेनाथ पूरा करेंगे.” इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया.
विधायक ने घोषणा की कि जब तक विद्यालय का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक वे जूता-चप्पल और ऊपरी वस्त्र धारण नहीं करेंगे. उन्होंने संविधान की शपथ लेते हुए दावा किया कि स्कूल का निर्माण उसी स्थान पर कराया जाएगा.
हवन-पूजन के जरिए वर्चुअल शिलान्यास की घोषणा
विधायक ने कहा कि वे हवन-पूजन के जरिए वर्चुअल शिलान्यास करेंगे और पांच शिलाओं का पूजन कराया जाएगा. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उन्हीं शिलाओं को विधिवत स्थापित किया जाएगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका किसी सांसद या अन्य जनप्रतिनिधि से व्यक्तिगत विवाद नहीं है.
उन्होंने कहा कि यदि कोई जनप्रतिनिधि शिलान्यास करना चाहता है तो उसका स्वागत है. इस बयान के जरिए उन्होंने विवाद को व्यक्तिगत टकराव से अलग बताने की कोशिश की. हालांकि, समर्थकों के प्रदर्शन से राजनीतिक तनाव बना रहा.
स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया. विधायक के परमट मंदिर जाने के दौरान पुलिस की गाड़ियां और अतिरिक्त फोर्स उनके साथ मौजूद रही ताकि किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्थिति पैदा न हो.
पुलिस सतर्क, हालात फिलहाल सामान्य
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सक्रिय रहा.
बाद में पुलिस की मौजूदगी और समझाइश के बाद समर्थकों की भीड़ धीरे-धीरे शांत हो गई और हालात सामान्य होते नजर आए. फिलहाल प्रशासन क्षेत्र में सतर्कता बनाए हुए है और पूरे मामले की निगरानी की जा रही है.