कानपुर गैंगरेप केस में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद अब बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है. कोर्ट की कड़ी फटकार और मामले में चूक के बाद पहले डीसीपी का तबादला किया गया, फिर थानाध्यक्ष (SHO) को निलंबित किया गया और अब एसीपी को लाइन हाजिर कर दिया गया है. इसके साथ ही भीमसेन चौकी इंचार्ज को भी सस्पेंड कर दिया गया है.
कानपुर गैंगरेप केस में पीड़िता नाबालिग है, इसके बावजूद शुरुआती एफआईआर में पॉक्सो एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ी गई थीं. इस गंभीर चूक पर कोर्ट ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाई थी. चार दिन बाद 9 जनवरी को पीड़िता के बयान कोर्ट में दर्ज कराए गए.
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एसीपी पनकी शिखर कुमार को लाइन हाजिर कर दिया. वहीं, भीमसेन चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. इसके अलावा केस की जांच कर रहे विवेचक को भी हटा दिया गया है और एक नई टीम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इससे पहले इस मामले में थानाध्यक्ष को निलंबित किया जा चुका है, जबकि डीसीपी का तबादला कर दिया गया था.
घटना के बाद 6 जनवरी को पीड़िता अपने भाई के साथ भीमसेन चौकी पहुंची थी. उसने दारोगा अमित कुमार और यूट्यूबर शिवबरन के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उस समय पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की. बाद में जब पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की, तब जाकर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दारोगा अमित कुमार घटना वाली रात करीब 20 मिनट तक मौके पर मौजूद था. पुलिस ने उसकी गाड़ी भी बरामद कर ली थी, लेकिन इसके बावजूद समय रहते उसके घर दबिश नहीं दी गई. इसी लापरवाही के चलते आरोपी को फरार होने का मौका मिल गया.
आरोपी दारोगा अब भी फरार
9 जनवरी को पीड़िता को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसने करीब 30 मिनट तक पूरी घटना का बयान दर्ज कराया. बयान के बाद कोर्ट के आदेश पर पीड़िता को उसके भाई के सुपुर्द कर दिया गया. मुख्य आरोपी दारोगा अमित कुमार की तलाश में पुलिस ने गोरखपुर समेत कई जिलों में टीमें भेजी हैं, लेकिन फिलहाल उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है. पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.