उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां खेल-खेल में 7 साल के मासूम की आंख में खजूर का कांटा घुसकर आर-पार हो गया. झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए बंद हो चुकी ऑपरेशन थिएटर को दोबारा खुलवाया और एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे की आंख बचा ली.
झांसी के टोड़ीफतेहपुर इलाके के सिजवां निवासी पंकज कुशवाहा का बेटा देव कुशवाहा (7) शनिवार को घर के बाड़े में खेल रहा था. परिजनों के अनुसार, देव लकड़ी से खिलौना ट्रैक्टर बना रहा था.
इसी दौरान लकड़ी तोड़ते समय खजूर का एक तीखा कांटा उसकी आंख की पुतली में जा घुसा और सीधे आर-पार हो गया. बच्चे की चीख सुनकर परिजन दौड़े और उसे आनन-फानन में स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया.
डॉक्टरों ने पेश की मिसाल, बंद ओटी को फिर खुलवाया
मेडिकल कॉलेज में नेत्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र कुमार ने जब बच्चे की जांच की, तो हालात बेहद गंभीर थे. उस समय ऑपरेशन थिएटर भी बंद हो चुका था, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. जितेंद्र ने तुरंत टीम को बुलाया और ऑपरेशन शुरू कराया.
डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. सुरभि गुप्ता और डॉ. यशस्वी गोयंका की टीम ने करीब एक घंटे तक चले पेचीदा ऑपरेशन के बाद आंख की पुतली में फंसे कांटे को बाहर निकाल लिया .डॉक्टरों का कहना है कि यदि ऑपरेशन में एक दिन की भी देरी होती, तो बच्चा हमेशा के लिए अपनी आंख खो सकता था.
आंख तो बची, लेकिन चुनौतियां अभी बाकी हैं
डॉक्टरों के अनुसार, ऑपरेशन सफल रहा है और आंख की रोशनी सुरक्षित है. हालांकि, कांटे की चोट इतनी गहरी थी कि बच्चे की काली पुतली और कॉर्निया डैमेज हो गया है. साथ ही उसे मोतियाबिंद की समस्या भी हो गई है. भविष्य में बच्चे को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन समय रहते इलाज मिलने से वह पूरी तरह अंधा होने से बच गया.