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दादी ने बचपन में कहा था- बच्ची भाग्यशाली है... अब शादी में किसान पिता ने हेलिकॉप्टर से विदा किया

उत्तर प्रदेश के झांसी में एक पिता ने अपनी बेटी की विदाई को यादगार बना दिया. डोली या कार नहीं, बल्कि हेलिकॉप्टर से दुल्हन को ससुराल भेजा गया. यह शाही अंदाज नहीं, बल्कि उस सपने की कहानी है, जो कभी मजाक में कहा गया था और आज हकीकत बन गया.

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शादी के बाद हेलिकॉप्टर में विदा हुई किसान पिता की बेटी. (Photo: ITG)
शादी के बाद हेलिकॉप्टर में विदा हुई किसान पिता की बेटी. (Photo: ITG)

उत्तर प्रदेश के झांसी से एक ऐसी भावुक और अनोखी शादी की कहानी सामने आई है, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया. जहां आमतौर पर बेटियों की विदाई डोली या कार से होती है, वहीं यहां एक किसान पिता ने अपनी बेटी की विदाई हेलिकॉप्टर से कर उसे यादगार बना दिया.

हर माता-पिता का सपना होता है कि उनके बच्चों की शादी खास और यादगार बने. इसी भावना को साकार करते हुए झांसी के सीपरी बाजार क्षेत्र में रहने वाले कन्हैया लाल यादव ने अपनी बड़ी बेटी सरिता की विदाई अलग अंदाज में की. शादी की सभी रस्में धूमधाम से पूरी होने के बाद जब विदाई का समय आया, तो दुल्हन घर से सीधे हेलिकॉप्टर तक पहुंची. यह नजारा देखने के लिए आसपास के लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.

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सरिता बीकॉम की छात्रा हैं, वह परिवार में दो बहनों में सबसे बड़ी हैं और एक भाई भी है. उसका विवाह बड़ागांव क्षेत्र के रहने वाले अर्पित के साथ हुआ. बेटी की शादी को खास बनाने के लिए पिता ने पहले से ही हेलिकॉप्टर की व्यवस्था कर रखी थी. जैसे ही दुल्हन और दूल्हा हेलिकॉप्टर में सवार हुए, वहां मौजूद लोग इस अनोखी विदाई को अपने कैमरों में कैद करने लगे.

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दुल्हन के पिता कन्हैया लाल यादव ने बताया कि यह दिखावा नहीं, बल्कि एक सपना था, जिसे उन्होंने सालों पहले सुना और फिर उसे सच करने का संकल्प लिया. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जब उनकी बेटी छोटी थी, तब उसके दादा-दादी अक्सर कहते थे कि यह बच्ची बहुत भाग्यशाली है और इसकी विदाई हेलिकॉप्टर से होनी चाहिए. उस समय यह बात मजाक जैसी लगती थी, क्योंकि वे एक साधारण किसान हैं, आज वह सपना सच हो गया.

'बेटा भाग्य से और बेटी सौभाग्य से मिलती है'

दुल्हन के पिता ने कहा कि बेटी ने भी कई बार इस बात का जिक्र किया था कि दादी उससे बहुत प्यार करती थीं और उसकी खुशियों के लिए बड़े-बड़े सपने देखती थीं. ऐसे में एक पिता होने के नाते उन्होंने अपनी बेटी की विदाई को खास बनाने का हर संभव प्रयास किया. कन्हैया लाल यादव कहते हैं कि बेटा भाग्य से पैदा होता है, लेकिन बेटी सौभाग्य से मिलती है. हर पिता की किस्मत में बेटी नहीं होती, लेकिन हर बेटी की किस्मत में पिता जरूर होता है.

इस अनोखी विदाई ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे इलाके के लोगों को भावुक कर दिया. कई लोगों ने इसे एक पिता के प्रेम और समर्पण का सबसे खूबसूरत उदाहरण बताया.

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हेलिकॉप्टर से विदाई क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई. सोशल मीडिया पर इस शादी के वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं. एक पिता ने अपनी सीमाओं के बावजूद अपनी बेटी के सपनों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

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