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'अकेले में तो ये बेइज्जती करते हैं, क्या मैं अंधी हूं, झूठ मत बोलिए...' इकरा हसन का VIDEO वायरल

सहारनपुर में इकरा हसन का पुलिस के झूठ का पोल खोलने वाला एक वीडियो वायरल हो गया. मोनू हत्याकांड में पीड़ित परिवार के समर्थकों को हिरासत में लेने पर भड़की सांसद ने कहा, अकेले में तो ये बेइज्जती करते हैं,  क्या मैं अंधी हूं?  देर रात तक थाने में धरना और हंगामा चलता रहा. बाद में अधिकारियों के आश्वासन पर धरना खत्म हुआ. 

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जैसे ही महिला दारोग ने सांसद इकरा की पीठ कर हाथ रखा उन्होंने आपत्ति जताई (Photo: ITG)
जैसे ही महिला दारोग ने सांसद इकरा की पीठ कर हाथ रखा उन्होंने आपत्ति जताई (Photo: ITG)

सहारनपुर में थाने के अंदर धरने पर बैठीं सपा सांसद इकरा हसन के पुलिस के झूठ का पोल खोलने के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं.  एक वीडियो में कैराना सांसद इकरा पुलिसकर्मियों पर नाराजगी जताते हुए कहती हैं कि क्या ही माननीय, अकेले में तो ये बेइज्जती करते हैं. इसके बाद वह महिला दारोगा की तरफ इशारा करते हुए कहती हैं कि ये हमें धकियाकर ला रही थीं, जब दारोगा ने मना किया तो इकरा भड़क गईं फिर बोलीं क्या मैं अंधी हूं, झूठ मत बोलिए. 

दरअसल पूरा विवाद एक हत्या के मामले से शुरू हुआ. दशाले गांव में युवक मोनू की हत्या हुई थी. परिवार लगातार निष्पक्ष कार्रवाई और इंसाफ की मांग कर रहा था. इसी सिलसिले में मृतक की मां अधिकारियों से मिलने डीआईजी कार्यालय पहुंची थी. उनके साथ सांसद इकरा हसन और कुछ समर्थक भी मौजूद थे. सांसद का आरोप है कि बुजुर्ग महिला अपने बेटे की हत्या के मामले में इंसाफ मांगने पहुंची थी, लेकिन वहां उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी. कुछ देर बाद हालात ऐसे बने कि पुलिस ने सांसद के समर्थकों को हिरासत में ले लिया. आरोप है कि पांच लोगों को शांति भंग की धाराओं में जेल भेज दिया गया. वहीं इकरा हसन को भी कुछ देर के लिए महिला थाने ले जाया गया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया. यहीं से मामला पूरी तरह सियासी टकराव में बदल गया.

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क्या मैं अंधी हूं 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में इकरा हसन पुलिस अधिकारियों को बड़ी ही शांति के साथ तीखी आवाज में खरी-खेटी सुनाती हैं. वीडियो में वह कहती दिख रही हैं कि अकेले में तो ये बेइज्जती करते हैं. जो लेडीज थीं, हमें धक्का मार कर ले आ रही थी. अब कह रहे हैं ऐसा कुछ नहीं हुआ. क्या मैं अंधी हूं?  इसके बाद वह पुलिसकर्मियों की तरफ इशारा करते हुए कहती हैं कि अब वीडियो देखने के बाद भी झूठ बोला जा रहा है. वीडियो में उनका गुस्सा साफ नजर आता है. 

थाने में बैठकर शुरू किया धरना

जैसे ही सांसद को पता चला कि उनके समर्थकों को जेल भेज दिया गया है, वह सीधे थाने पहुंच गईं. थाने पहुंचते ही उन्होंने अधिकारियों से सवाल पूछने शुरू कर दिए. कुछ ही देर में समर्थकों की भीड़ भी जमा हो गई और फिर सांसद धरने पर बैठ गईं. करीब तीन घंटे तक थाने के अंदर और बाहर हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा.

हमें इंसाफ चाहिए

धरने के दौरान इकरा हसन कई बार भावुक भी नजर आईं. उन्होंने कहा कि जिस मां का बेटा मारा गया, उसी के परिवार को जेल भेज दिया गया. सांसद ने कहा, हम यहां सिर्फ यह पूछने आए थे कि पीड़ित परिवार का कसूर क्या है? अगर इंसाफ मांगना अपराध है तो हमें भी जेल भेज दो. एक वक्त ऐसा भी आया जब गुस्से में उन्होंने कहा कि हमें इंसाफ चाहिए. गोली मार दो, फांसी पर चढ़ा दो लेकिन हम इंसाफ लेकर रहेंगे.

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माननीय सांसद हैं, थोड़ा तरीके से तो होना चाहिए

वायरल वीडियो में इकरा हसन पुलिस के रवैये पर भी सवाल उठाती दिखाई देती हैं. वह कहती हैं कि अगर एक सांसद के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है तो आम लोगों के साथ क्या होता होगा. वीडियो में वह कहती सुनाई देती हैं कि 
इंसान नहीं हैं क्या? वर्दी के अंदर इंसान ही होंगे थोड़ा तरीके से तो होना चाहिए एक माननीय सांसद हैं.  इसके बाद वहां मौजूद कुछ लोग उन्हें शांत कराने की कोशिश करते दिखाई देते हैं, लेकिन सांसद लगातार अपनी नाराजगी जाहिर करती रहती हैं.

बिजली गुल होने पर भी बढ़ा विवाद

धरने के दौरान कुछ देर के लिए थाने की बिजली भी चली गई. इसके बाद समर्थकों ने आरोप लगाया कि जानबूझकर दबाव बनाने के लिए बिजली काटी गई है. हालांकि कुछ देर बाद बिजली दोबारा आ गई, लेकिन तब तक माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो चुका था. थाने के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा. अधिकारी लगातार हालात संभालने की कोशिश करते रहे.

पीड़ित की भी नहीं सुनी जाएगी तो कौन सुनेगा ?

धरने के दौरान इकरा हसन ने प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अगर पीड़ित परिवार की भी नहीं सुनी जाएगी तो फिर जनता आखिर इंसाफ मांगने कहां जाएगी. सांसद ने कहा कि जिस महिला का बेटा मारा गया, वही इंसाफ मांगने पहुंची थी और उसके परिजनों को ही जेल भेज दिया गया. उन्होंने सरकार और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पूरी घटना बेहद शर्मनाक है. इकरा हसन ने इस पूरे मामले को सामाजिक एंगल से भी जोड़ने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि मृतक परिवार कश्यप समाज से आता है और हमेशा भाजपा को वोट देता रहा है. इसके बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया. सांसद ने कहा, वो महिला मुसलमान नहीं थी, कश्यप समाज से थी फिर भी उनके साथ ऐसा हुआ.

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तीन घंटे बाद खत्म हुआ धरना

करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद देर रात सिटी मजिस्ट्रेट थाने पहुंचे. अधिकारियों और सांसद के बीच बातचीत हुई. इसके बाद अधिकारियों ने भरोसा दिया कि जेल भेजे गए समर्थकों की जमानत मंजूर हो गई है और सुबह उन्हें रिहा कर दिया जाएगा. इसी आश्वासन के बाद इकरा हसन ने धरना खत्म करने का ऐलान किया. धरना समाप्त करने के बाद उन्होंने कहा कि उनकी मांग मान ली गई है और अब उनके समर्थक रिहा होंगे.

पुलिस ने क्या कहा?

पूरे घटनाक्रम पर एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि विरोध प्रदर्शन को लेकर कार्रवाई की गई थी. सांसद से बातचीत हो चुकी है और अब मौके पर शांति व्यवस्था कायम है. हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और सांसद के आरोपों को लेकर पुलिस की तरफ से कोई विस्तृत सफाई सामने नहीं आई.

 

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