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'कान खोलकर सुन ले पुलिस-प्रशासन, हम डरने वाले नहीं', FIR के बाद सपा सांसद इकरा हसन ने दिखाए तेवर

सहारनपुर पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने पर सपा सांसद इकरा हसन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि वे मुकदमों से डरने वाली नहीं हैं और गरीबों व मजलूमों के इंसाफ की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ती रहेंगी. इकरा ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यहां सिर्फ अमीरों की सुनवाई होती है.

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कैराना से सपा सांसद इकरा हसन (Photo- X/Iqra Hasan)
कैराना से सपा सांसद इकरा हसन (Photo- X/Iqra Hasan)

यूपी की सहारनपुर पुलिस ने कैराना से सपा सांसद इकरा हसन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. इसको लेकर अब इकरा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हम FIR से डरने वाले नही हैं. हम अपने लोगों की आवाज हर हाल में उठाते रहेंगे और गरीब, मजलूम व इंसाफ की लड़ाई पूरी मजबूती और हौसले के साथ लड़ते रहेंगे. अगर प्रशासन को लगता है कि वो हमें मुकदमे से डरा देंगे तो कान खोलकर सुन लें हम इन सबसे डरने वाले नहीं. इंसाफ की आवाज उठाते रहेंगे.

इकरा हसन ने सत्ताधारी दल बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर हम इंसाफ की मांग करते हैं तो उल्टे हम लोगों की ही प्रताड़ना हो रही है. वो दिख भी रहा है. अमीर लोगों की सुनवाई हो जाती हैं लेकिन गरीबों की सुनवाई नहीं हो पाती. जो गरीब हैं वो गुहार लेकर जाते हैं तो उन पर ही एफआईआर हो जाती है. जैसे हमारे साथ हुआ.  

दरअसल, सहारनपुर में पुलिस ने 21 मई को कैराना लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन, एक पूर्व मंत्री और 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया. यह कार्रवाई 21 अप्रैल को शामली के जसाला जंगल में हुई मोनू कश्यप की बेरहमी से हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर डीआईजी कार्यालय के बाहर हुए हंगामे और धरने के बाद की गई है. सांसद इकरा हसन मृतक मोनू की मां विमलेश देवी को इंसाफ दिलाने और उचित धाराओं में कार्रवाई की मांग के लिए वहां पहुंची थीं.

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डीआईजी कार्यालय पर तीखी बहस और धरना

सांसद इकरा हसन जसाला गांव के मृतक मोनू कश्यप की मां को लेकर सहारनपुर डीआईजी कार्यालय पहुंची थीं. वहां पुलिस प्रशासन और सांसद के बीच तीखी बहस हो गई. इकरा हसन का कहना है कि प्रशासन से कोई आश्वासन नहीं मिला और पीड़ित मां को अपमानित कर बाहर धकेल दिया गया. उन्होंने इसे कलयुग बताते हुए कहा कि वह तब तक नहीं हटेंगी जब तक न्याय नहीं मिलता. इसके बाद पुलिस ने उन्हें थोड़ी देर के लिए हिरासत में भी लिया. पुलिस का आरोप है कि वहां सरकारी कार्य में बाधा और जाम जैसी स्थिति पैदा की गई.

अखिलेश यादव ने की मुलाकात, सौंपी आर्थिक मदद

इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. कैराना सांसद इकरा हसन मृतक मोनू कश्यप की मां विमलेश देवी को लेकर 20 मई को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव से मिलने उनके आवास पर पहुंची थीं. परिजनों के मुताबिक, इस मुलाकात के दौरान सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने पीड़ित मां को ढांढस बंधाया और इंसाफ दिलाने का पूरा भरोसा दिया. इसके साथ ही अखिलेश यादव ने मृतक की मां को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक भी सौंपा.

हत्या के बाद कश्यप समाज में भारी आक्रोश

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शामली के जसाला जंगल में मोनू कश्यप की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस जघन्य वारदात के बाद से ही कश्यप समाज के लोगों में भारी गुस्सा है. घटना के विरोध में लोगों ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को जाम कर दिया था और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी. अब कश्यप समाज का कहना है कि जो सांसद उन्हें न्याय दिलाने की कोशिश कर रही हैं, उन पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया, जो पूरी तरह गलत है.

पीड़ित मां को अब भी न्याय का इंतजार

मृतक मोनू की मां विमलेश देवी ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि इंसाफ की मांग उठाने वालों पर ही मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं. विमलेश देवी का आरोप है कि उनके बेटे के हत्यारों पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है और न ही मामले में सही धाराएं लगाई गई हैं. इस एफआईआर के बाद क्षेत्र में कश्यप समाज की नाराजगी और ज्यादा बढ़ती दिखाई दे रही है, जिससे मामले ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है.

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