महाराजगंज में भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस और कस्टम विभाग को बड़ी सफलता मिली है. यहां दो नेपाली नागरिकों को 10 किलो चांदी के साथ पकड़ा गया है. पकड़ी गई चांदी की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई नियमित चेकिंग के दौरान की गई.
एजेंसी के अनुसार, पुलिस ने नेपाल नंबर की एक कार को जांच के लिए रोका. तलाशी के दौरान कार से दो प्लास्टिक पैकेट बरामद हुए, जिनमें छोटे-छोटे टुकड़ों में चांदी छिपाकर रखी गई थी. बरामदगी के बाद मौके पर कस्टम विभाग की टीम को बुलाया गया, जिसने दोनों आरोपियों को कस्टडी में ले लिया.
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नेपाल के सिद्धार्थनगर जिले के रहने वाले राकेश रजक और समीर कुमार सिंह के रूप में हुई है. कस्टम विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर सुधीर कुमार त्यागी ने बताया कि कार से कुल 10 किलो चांदी बरामद की गई है, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 50 लाख रुपये आंकी गई है. दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि दोनों आरोपी किसी तस्करी गिरोह के लिए कैरियर के तौर पर काम कर रहे थे. पुलिस और कस्टम अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि चांदी की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किसे सौंपा जाना था. इसके अलावा, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
भारत-नेपाल सीमा पर चांदी की तस्करी का मामला सामने आने के बाद सीमा पर निगरानी और सख्ती बढ़ाई जा रही है. आने वाले दिनों में पूछताछ के आधार पर और खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है.