उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक दिव्यांग युवक पर दो परिवारों ने अपने बेटे होने का दावा किया है. एक पक्ष का कहना है कि यह उनका दस साल पहले गायब हुआ बेटा है. जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि 22 जनवरी को गायब हुआ यह उनका पुत्र है.
दोनों पक्षों ने अपना दावा मजबूत करने के लिए पुलिस को आधार कार्ड भी दिखाए. जिसके बाद पुलिस भी हैरान रह गई. अब पुलिस इस मामले को डीएनए जांच के जरिए सुलझाने का प्रयास कर रही है. यह मामला कछौना कोतवाली परिसर का है.
दिव्यांग युवक पर दो परिवारों ने किया अपना बेटा होने का दावा
कामीपुर गांव का रहने वाले रामप्यारे का कहना है कि यह उनका तीस साल का इकलौता पुत्र गया प्रसाद है. जो 22 जनवरी से लापता हो गया था. रामप्यारे अपने साथ अपने दावे को पुख्ता करने के लिए गया प्रसाद का आधार कार्ड और सैकड़ों ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचा.
वहीं दूसरा पक्ष भगवानदीन का कहना है कि यह दिव्यांग उनका पुत्र शिवपाल है जो घर से 10 साल पहले गायब हो गया था और उसके बाद अब अपने आप अपने घर पहुंच गया है इसलिए यह पुत्र उनका अपना है. उसने भी शिवपाल का आधार कार्ड पुलिस को दिखाया और गवाह के रूप में अपने साथ गांव के लोगों को लाया.
डीएनए जांच के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा युवक
इस मामले पर नृपेंद्र कुमार अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि एक 30 साल के दिव्यांग युवक पर दो परिवारों ने अपने बेटा होने का दावा किया है. जिसकी डीएनए जांच कराई जा रही है. वास्तविक माता-पिता की पहचान के बाद युवक को उन्हें सौंप दिया जाएगा.