खाड़ी देशों में तनाव का असर यूपी में भी दिखने लगा है. लखनऊ में दो दिन से कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई में देरी हो रही है. जिसके चलते होटल, रेस्टोरेंट से लेकर कैटरिंग संचालक परेशान हैं और काम रुकने की स्थिति आ रही है. यहीं नहीं अब घरेलू सिलेंडरों की वेटिंग भी बढ़ गई है. बुकिंग के अगले दिन ही पहुंचने वाला सिलेंडर अब पांच से सात दिन ले रहा है.
एजेंसी के दफ्तर में उमड़ रही है भारी भीड़
एजेंसियों के घरेलू सिलेंडरों का कोटा 20 से 25 फीसदी तक घटा दिया गया है. लखनऊ में करीब 105 गैस एजेंसियां हैं. रोजाना 25 हजार सिलेंडरों की औसत खपत होती है. तेल कंपनियों के मैनेजर जितेंद्र ओझा ने आज तक को बताया युद्ध के चलते सप्लाई में वहीं से देरी हो रही है, इसी वजह से समय से सिलेंडर नहीं पहुंच पा रहा है.
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जितेंद्र के मुताबिक पहले जो सिलेंडर 24 घंटे से पहले पहुंचा दिए जाते थे अब एक हफ्ते से ज्यादा लग जा रहा है. हालांकि जितेंद्र ने कहा कि अफवाह भी बहुत हो गया है, इतनी ज्यादा किल्लत अभी नहीं है. गैस एजेंसी के दफ्तर में भारी भीड़ देखने को मिल रही है. लोग कह रहे हैं रमजान है कैसे खाना बनेगा? एक हफ्ते से सिलेंडर नहीं है.
बुकिंग के एक हफ्ते बाद पहुंच रहा सिलेंडर
गैस एजेंसी के लोड इंचार्ज राकेश प्रजापति ने आज तक को बताया कि जो सिलेंडर 24 घंटे में दे रहे थे. अब एक हफ्ते से ज्यादा लग रहा है. आज तक ने बाकायदा लोगों की रिसिप्ट दिखाते हुए बताया कि फलाना व्यक्ति ने 3 मार्च की बुकिंग की और आज 10 मार्च को सिलेंडर उनके घर के लिए निकल रहा है. यानी कि पहले जो सिलेंडर 24 घंटे में आ रहा था, अब वह एक हफ्ते में पहुंच रहा है.