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'पानी बहुत ठंडा था, इसलिए...', नोएडा में डूबकर मरने वाले इंजीनियर के पिता का रेस्क्यू टीम पर बड़ा आरोप

नोएडा के सेक्टर 150 में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर पानी से भरे गड्ढे में एक इंजीनियर कार लेकर गिर गया. गिरने के बाद इंजीनियर कार के ऊपर खड़ा हो गया और मदद के लिए गुहार लगाता रहा. लेकिन मौके पर मौजूद बचाव टीम ने देर से रेस्क्यू अभियान शुरू किया. जिससे उसकी मौत हो गई.

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सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज, जिनकी डूबने से हुई मौत. (Photo: Screengrab)
सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज, जिनकी डूबने से हुई मौत. (Photo: Screengrab)

नोएडा के सेक्टर 150 में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर पानी से भरे गड्ढे में कार समेत गिरने से 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई. इस हादसे ने नोएडा प्रशासन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इसी बीच आज तक इस पूरे मामले को जानने के लिए ग्राउंड पर पहुंचा. इस दौरान मृतक इंजीनियर युवराज के पिता राज कुमार मेहता से भी बात की गई. 

पानी ठंडा था इसलिए रेस्क्यू के लिए नहीं उतरी टीम

युवराज के पिता ने नोएडा प्रशासन पर कई आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि 3 विभाग के लगभग 80 लोगों की टीम बेटे को नहीं बचा पाई. फायर डिपार्टमेंट, नोएडा पुलिस और SDRF की टीम मौके पर मौजूद थी. लेकिन इन विभाग के लोग रेस्क्यू के लिए पानी में इसलिए नहीं उतरे क्योंकि उनका कहना था कि पानी बहुत ठंडा है और पानी में सरिया भी हो सकता है. 

यह भी पढ़ें: मॉल के बेसमेंट में डूबकर युवक की मौत: नोएडा अथॉरिटी ने जूनियर इंजीनियर को किया बर्खास्त, कई अधिकारियों को नोटिस

इस दौरान मेरा बेटा कार के ऊपर खड़ा होकर खुद को बचाने की 2 घंटे से गुहार लगाता रहा. लेकिन उसका रेस्क्यू नहीं किया जा सका और कार डूब गई. जिससे उसकी मौत हो गई. वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां पहले भी कई हादसे हो चुके थे. बावजूद इसके नोएडा अथॉरिटी की तरफ से पूरे इलाके में बैरिकेडिंग नहीं की गई थी. अगर बैरिकेडिंग की जाती और उधर जाने वाला रास्ता बंद होता तो हादसा नहीं होता. 

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फिलहाल अब नोएडा अथॉरिटी ने मामले में एक जूनियर इंजीनियर को नौकरी से निकाल दिया है और इलाके में ट्रैफिक से जुड़े कामों के लिए ज़िम्मेदार दूसरे अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं. साथ ही साइट डेवलपर लोटस के अलॉटमेंट और कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी के बारे में संबंधित विभागों से डिटेल रिपोर्ट मांगी गई है. इसके अलावा साइट पर सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा करने का निर्देश भी दिया गया है.

यह भी पढ़ें: 'SDRF- NDRF वाले देखते रहे, मेरा बेटा डूब गया...', नोएडा हादसे की दर्दनाक कहानी युवराज के पिता की जुबानी

20 फीट से ज्यादा था गड्ढा

युवराज मेहता टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी के रहने वाले थे, जिनकी कार शनिवार रात सेक्टर 150 में एक अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग के बेसमेंट के लिए खोदे गए 20 फीट से ज़्यादा गहरे, पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी. पुलिस ने बताया कि मेहता जो गुरुग्राम की एक कंपनी में काम करते थे. घने कोहरे के बीच काम से घर लौट रहे थे. तभी यह हादसा हुआ.

चश्मदीद ने भी देर से रेस्क्यू  का किया दावा

एक चश्मदीद, जो एक डिलीवरी एजेंट है. उसने भी दावा किया कि रेस्क्यू अभियान में भी देरी हुई. अगर रेस्क्यू तेज़ी से किया जाता तो मेहता बच सकते थे. वहीं पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर दो रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ FIR दर्ज की है, जबकि बचाव अभियान में लापरवाही से इनकार किया है. 

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