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गोंडा: पुलिस का पहरा और वकीलों का अल्टीमेटम... हाईकोर्ट के अधिवक्ता की हत्या के बाद गांव में मातमी सन्नाटा

उत्तर प्रदेश के गोंडा में जमीनी रंजिश ने खूनी मोड़ ले लिया. करनैलगंज में सगे भाई और पट्टीदारों ने मिलकर हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा की लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर हत्या कर दी. इस घटना के बाद से पूरे इलाके और अधिवक्ता समाज में भारी आक्रोश है.

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गोंडा में वकील की हत्या के बाद गांव में तनाव (Photo- ITG)
गोंडा में वकील की हत्या के बाद गांव में तनाव (Photo- ITG)

Uttar Pradesh News: गोंडा के करनैलगंज कोतवाली स्थित दत्तनगर के सुदईपुरवा गांव में 22 फरवरी को जमीनी विवाद में हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा की हत्या कर दी गई. मृतक के सगे भाई अरुण मिश्रा और चार पट्टीदारों ने खेत जोतने से रोकने पर उन पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला किया. कोर्ट के स्टे ऑर्डर के बावजूद आरोपियों ने जबरन जुताई शुरू की थी. गंभीर रूप से घायल अधिवक्ता की जिला अस्पताल में मौत हो गई. पुलिस ने बेटे अभिषेक मिश्रा की तहरीर पर मुख्य आरोपी चाचा अरुण मिश्रा समेत सभी चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.

स्टे ऑर्डर के बावजूद पुलिस ने नहीं बरती सख्ती

मृतक के बड़े बेटे अभिषेक मिश्रा, जो स्वयं हाईकोर्ट में वकील हैं, ने बताया कि 6 फरवरी को कोर्ट ने विवादित खेत पर दखल देने से रोकने का आदेश दिया था. इसकी जानकारी करनैलगंज पुलिस को भी दी गई थी, लेकिन पुलिस की लापरवाही से यह वारदात हुई. अगले दिन जब चचेरा भाई खेत जोतने लगा, तो विरोध करने पर विपक्षियों ने जानलेवा हमला बोल दिया. अभिषेक के अनुसार, लोहे की रॉड से सिर फटने के कारण उनके पिता की जान गई, जबकि अन्य परिजन भी घायल हुए हैं.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और ट्रैक्टर का विवाद

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और ट्रैक्टर चढ़ाकर हत्या करने की चर्चाओं पर अभिषेक ने स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट आने से मौत की पुष्टि हुई है. अगर उन पर ट्रैक्टर चढ़ाया गया होता, तो पीएम रिपोर्ट में वह तथ्य जरूर सामने आता. फिलहाल गांव में मातमी सन्नाटा है और मृतक के घर के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा लगा है. अंतिम संस्कार के बाद परिवार के लोग बदहवास हैं और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं.

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अधिवक्ता समाज में आक्रोश और अल्टीमेटम

इस हत्याकांड के बाद गोंडा और लखनऊ के अधिवक्ताओं में भारी गुस्सा है. 23 फरवरी को जिला बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से काम बंद कर जुलूस निकाला. वकीलों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर 36 घंटे के भीतर करनैलगंज कोतवाल और चौकी इंचार्ज को सस्पेंड करने का अल्टीमेटम दिया था. विधायक बावन सिंह समेत कई जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार से मिलकर दुख व्यक्त किया है. पुलिस ने अब तक मामले के सभी चारों नामजद आरोपियों को जेल भेज दिया है.

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