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सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग, गायब मोबाइल... गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस में अब ये राज तलाश रही पुलिस

गाजियाबाद के टीला मोड़ इलाके की भारत सिटी सोसायटी में तीन नाबालिग बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी थी. पुलिस अब सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का मिलान कर रही है और दो पुराने मोबाइल फोन की तलाश में जुटी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया है कि ऊंचाई से गिरने की वजह से कई फ्रैक्चर मिले हैं. मामले की फोरेंसिक जांच जारी है.

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तीन नाबालिग बहनों के सुसाइड का मामला (Photo: ITG)
तीन नाबालिग बहनों के सुसाइड का मामला (Photo: ITG)

गाजियाबाद के टीला मोड़ इलाके की भारत सिटी सोसायटी में तीन फरवरी को नौवीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली तीन नाबालिग बहनों के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है. इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था. अब पुलिस हर पहलू से मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि खुदकुशी की वजह और घटनाक्रम को साफ तौर पर समझा जा सके.

पुलिस जांच का मुख्य फोकस सुसाइड नोट पर है. पुलिस सुसाइड नोट और तीनों बहनों की हैंडराइटिंग का मिलान कर रही है. इसका मकसद यह पता लगाना है कि नोट किसने लिखा था. क्या पूरा नोट किसी एक बहन ने लिखा या फिर तीनों ने अलग-अलग हिस्से लिखे. पुलिस का कहना है कि शुरुआती तौर पर यह नोट बीच वाली बहन ने लिखा था, लेकिन इसकी पुष्टि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी.

तीन नाबालिग बहनों के सुसाइड मामले में नया अपडेट

इसके साथ ही पुलिस उन दो मोबाइल फोन की तलाश कर रही है, जिनका इस्तेमाल तीनों बहनें करती थीं. जानकारी के अनुसार एक फोन को पिता ने करीब छह से सात महीने पहले बेच दिया था, जबकि दूसरा फोन लगभग दस दिन पहले बेचा गया था. पुलिस मान रही है कि इन दोनों फोन की जांच से कई अहम सुराग मिल सकते हैं. इसी कारण पुलिस उन फोन को ढूंढने की कोशिश कर रही है.

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पुलिस को उस एकमात्र फोन की फोरेंसिक रिपोर्ट का भी इंतजार है, जिसे बहनों ने खुदकुशी से करीब दो घंटे पहले तक इस्तेमाल किया था. बताया गया है कि यह फोन चेतन की पहली पत्नी का था. पुलिस इस फोन से जुड़ी डिजिटल जानकारी के आधार पर भी मामले की कड़ियां जोड़ने में लगी है.

घटना के बाद तीनों बहनों का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया गया था. पोस्टमार्टम प्रक्रिया शाम को शुरू हो पाई थी और शवों को परिवार को सौंपते-सौंपते रात के करीब दस बज गए थे. पोस्टमार्टम के बाद हिंडन मोर्चरी से तीनों बच्चों के शव परिवार को सौंपे गए. इसके बाद परिवार शवों को अंतिम संस्कार के लिए निगम बोध घाट लेकर गया, जहां तीनों का अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम संस्कार पिता द्वारा किया गया. 

पुलिस हैंडराइटिंग मिलान की कोशिश में जुटी

हालांकि इस बात को लेकर सवाल उठे थे कि अंतिम संस्कार रात के समय क्यों किया गया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह परिवार का निर्णय था कि पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कब और कहां करना है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि ऊंचाई से गिरने की वजह से सिर से लेकर पसलियों और पैरों तक फ्रैक्चर पाए गए हैं, जो ऊंचाई से गिरने के कारण हुए. गुरुवार को जब पुलिस टीम चेतन कुमार के घर पहुंची तो पूछताछ के बाद घटनास्थल पर हादसे को री-क्रिएट भी किया गया. पुलिस का कहना है कि जांच के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है.
 

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