उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां परिषदीय विद्यालय में एक टीचर 17 सालों के फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए नौकरी कर रहा था. STF की जांच में खुलासे के बाद कार्रवाई की गई है और BSA ने फर्जी टीचर को नौकरी से निकाल दिया और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की कवायद शुरू कर दी है.
जानकारी के मुताबिक गौरीबाजार विकास खंड के कम्पोजिट विद्यालय अकटहिया में जितेंद्र कुमार मिश्र सहायक अध्यापक के तौर पर काम कर रहे थे. इसी नाम के जितेंद्र कुमार मिश्र सिद्धार्थनगर जिले के विकास खंड नौगढ़ के प्राथमिक विद्यालय बभनी में कार्यरत है.
BSA ने बताया कि भागलपुर ब्लॉक के नरसिंह डांड़ गांव के रहने वाले राम प्रवेश यादव ने 5 जनवरी 2022 को कार्यालय में शपथ पत्र के माध्यम से उक्त टीचर की शिकायत की थी. जिसकी जांच विभाग और STF द्वारा की गई जांच में पुष्टि होने पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है. BSA ने बताया कि जिले में अब तक 60 फर्जी टीचरों को फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी करते पाए जाने पर बर्खास्त किया जा चुका है.
शिकायत मिलने के बाद जांच की गई तो दोनों ने इंटर की परीक्षा 1984 में शिवपति इंटर कालेज शोहरतगढ़ सिद्धार्थनगर से पास की. हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, बीएससी और बीएड के अनुक्रमांक और कॉलेज का नाम नंबर और पास करने का समय सब कुछ एक समान पाया गया. इसकी पुष्टि धेन्सा ग्राम प्रधान द्वारा भी की गई.
ग्राम प्रधान ने जितेंद्र कुमार मिश्र की सत्यापित फोटो, निवास प्रमाणपत्र आदि ब्योरा BSA देवरिया को भेजा. इसके बाद इन्हें अपना पक्ष रखने के लिए बोला गया. लेकिन कई बार नोटिस भेजने के बाद भी वह BSA के समक्ष रखने नहीं आए और हर बार बीमार होने का हवाला देते रहे.
बीएसए हरिश्चंद्र नाथ ने बताया कि गौरी बाजार क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय अकटहिया के सहायक अध्यापक जितेंद्र कुमार मिश्र पुत्र जनार्दन मिश्र के खिलाफ फर्जीवाड़े की जांच चल रही थी.जांच में पाया गया कि जितेंद्र कुमार मिश्र पुत्र जनार्दन मिश्र के शैक्षिक प्रमाणपत्रों पर नौकरी कर रहा था.
इसके इंटरमीडिएट वर्ष 1984, अनुक्रमांक 280439 का सत्यापन कराया गया. उसमें शिवपति इंटर कॉलेज शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर के प्रधानाचार्य की भेजी गई सूचना के अनुसार इस नाम के छात्र की पंजीकरण संख्या व स्थानांतरण प्रमाणपत्र में उसके पते की गलत होने की जानकारी मिली. इस आधार पर उन्हें सेवा से बाहर कर दिया है, इसके खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं