नोएडा के सेक्टर-71 में स्थानीय निवासियों और प्रशासन के बीच इस बार छठ पूजा के आयोजन को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई है. इस साल शिव शक्ति अपार्टमेंट में स्थित बच्चों के पार्क में तालाब बनाकर छठ पूजा की अनुमति दिए जाने के बाद निवासियों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है. यह पार्क बच्चों के खेलने, महिलाओं के टहलने और बुजुर्गों के आराम करने के लिए बनाया गया है. लेकिन इस साल शिव शक्ति छठ पूजा समिति ने यहां छठ पूजा का आयोजन करने की योजना बनाई है, जिससे स्थानीय निवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
शिव शक्ति अपार्टमेंट के निवासियों का कहना है कि नोएडा प्राधिकरण द्वारा पिछले 22 वर्षों से महज 200 मीटर की दूरी पर छठ घाट का निर्माण कराया जा रहा है. यहां श्री सहयोग छठ पूजा समिति (पंजीकृत) हर साल सामूहिक रूप से छठ पूजा का आयोजन करती है. निवासियों का मानना है कि जब छठ घाट पहले से ही उपलब्ध है, तो बच्चों के पार्क में नया तालाब बनाकर पूजा की अनुमति देना बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से अनावश्यक और जोखिम भरा है.
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इस पार्क में बच्चों के झूले और अन्य खेल के ढांचे हैं. यहां महिलाएं और बुजुर्ग नियमित रूप से टहलने आते हैं. निवासियों को डर है कि तालाब बनाकर पूजा करने से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है. तालाब में पानी भरने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है. खासकर बच्चों के लिए, जो खेलते समय अनजाने में तालाब में गिर सकते हैं.
उद्यान विभाग को गलत जानकारी देकर बुक कराया गया पार्क
इसके अलावा खुदाई के कारण पार्क की संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका है, जिससे बच्चों के खेलने की जगह सीमित हो जाएगी. वहीं, स्थानीय लोगों ने नोएडा प्राधिकरण और उद्यान विभाग से बच्चों के पार्क में छठ पूजा के आयोजन की अनुमति रद्द करने की अपील की है. उनका कहना है कि अगर महज 200 मीटर की दूरी पर छठ घाट उपलब्ध है, तो पार्क में तालाब बनाकर पूजा की अनुमति देना न सिर्फ अनावश्यक है, बल्कि इससे सामाजिक तनाव भी पैदा हो सकता है. निवासियों का यह भी आरोप है कि शिव शक्ति छठ पूजा समिति ने उद्यान विभाग को गलत जानकारी देकर पार्क बुक कराया है, जबकि प्राधिकरण ने पूरी जांच किए बिना ही अनुमति दे दी है.
'नोएडा प्राधिकरण इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें'
कुछ निवासियों का मानना है कि यह विवाद राजनीति से प्रेरित है और आरोप है कि इस मुद्दे पर राजनीति की जा रही है. उनका कहना है कि नोएडा प्राधिकरण इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस विवाद को सुलझाए. निवासियों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए पार्क को उसके मूल उद्देश्य के तहत ही रखा जाना चाहिए और विवाद बढ़ने से पहले प्रशासन द्वारा अनुमति रद्द करके मामले को सुलझाया जाना चाहिए.