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नोएडा प्रोटेस्ट पर पुलिस का दावा- 50 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया हैंडल से फैलाई गई अफवाह

Noida News: नोएडा में हुई हिंसा के पीछे सुनियोजित साजिश की बात सामने आई है. पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ा गया. 24 घंटे में 50 से ज्यादा फर्जी हैंडल बनाकर भड़काऊ पोस्ट डाले गए, जिनमें से दो के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स इनका डिजिटल ट्रेल खंगाल रही है. प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाई है, रूट डायवर्जन लागू किया गया है और श्रमिकों व प्रबंधन से संवाद जारी रखते हुए स्थिति को नियंत्रण में बताया है.

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पुलिस का दावा है कि फर्जी हैंडल 24 घंटे के भीतर बनाए गए. Photo ITG
पुलिस का दावा है कि फर्जी हैंडल 24 घंटे के भीतर बनाए गए. Photo ITG

नोएडा में हुई हिंसा के पीछे सुनियोजित षड्यंत्र की बात सामने आ रही है. पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि पूरे घटनाक्रम को भड़काने के लिए सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया. अफवाहों के जरिए माहौल को तनावपूर्ण बनाने की कोशिश की गई, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई. सूत्रों के मुताबिक, हिंसा से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर झूठी और भ्रामक जानकारी तेजी से फैलाई गई. जांच में यह भी सामने आया है कि करीब 50 से अधिक फर्जी हैंडल सिर्फ 24 घंटे के भीतर बनाए गए और उन्हें अफवाह फैलाने के लिए सक्रिय किया गया. इन हैंडल्स के जरिए लगातार भड़काऊ संदेश, वीडियो और पोस्ट शेयर किए गए, जिससे लोगों के बीच भ्रम और आक्रोश बढ़ा. UP STF अब इन सभी हैंडल्स के डिजिटल फुटप्रिंट्स को ट्रैक कर रही है.

बताया जा रहा है कि इन फर्जी अकाउंट्स का उद्देश्य माहौल को अस्थिर करना और लोगों को उकसाना था. जैसे-जैसे ये पोस्ट वायरल हुईं, स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ता गया और आखिरकार यह हिंसा में बदल गया. जांच एजेंसियां अब इन सोशल मीडिया हैंडल्स की पहचान करने और इनके पीछे के नेटवर्क का पता लगाने में जुट गई हैं.

मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) को भी सक्रिय कर दिया है. STF को विशेष रूप से उन लोगों की पहचान करने और कार्रवाई करने का जिम्मा सौंपा गया है, जो अफवाह फैलाने में शामिल थे.

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से सतर्क रहें.

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दो एक्स (X) हैंडल्स के खिलाफ एफआईआर
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है. अब तक दो एक्स (X) हैंडल्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इसके अलावा 50 से अधिक हैंडल चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें पिछले 24 घंटों में बनाया गया और जो अफवाह फैलाने में सक्रिय थे. प्रारंभिक जांच में यह एक संगठित साजिश की ओर इशारा करता है.

पाकिस्तान कनेक्शन की जांच की मांग
नोएडा में हुई हिंसा को लेकर उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इस घटना को सुनियोजित साजिश बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य प्रदेश के विकास और शांति व्यवस्था को बाधित करना हो सकता है. मंत्री ने यह भी कहा कि हाल ही में मेरठ और नोएडा से चार संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी हुई है, जिनके तार पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से जुड़े बताए जा रहे हैं, इसलिए पाकिस्तान कनेक्शन की भी जांच की जा रही है.

अनिल राजभर ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी हर मांग पर बातचीत के लिए तैयार है और किसी भी समस्या का समाधान संवाद के जरिए ही निकाला जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि उग्र आंदोलन से बचना जरूरी है.

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उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. सरकार का पूरा फोकस वार्ता के जरिए समाधान निकालने और प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है.

पुलिस का आया बयान
पुलिस का कहना है कि नोएडा में चल रहे श्रमिक आंदोलन को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा लगातार उच्चस्तरीय निगरानी रखी जा रही है. पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश कंट्रोल रूम से हालात पर नजर बनाए हुए हैं और वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं.

प्रशासन के मुताबिक, राज्य सरकार के निर्देश पर नोएडा पुलिस और प्रशासन श्रमिकों, कंपनी प्रबंधन और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार बातचीत और समन्वय बनाए हुए हैं, ताकि स्थिति का शांतिपूर्ण और न्यायसंगत समाधान निकाला जा सके. अधिकारियों का कहना है कि बातचीत के जरिए ही विवाद को सुलझाने पर जोर दिया जा रहा है.

वहीं, प्रभावित इलाकों में आम लोगों को परेशानी से बचाने और यातायात को सुचारु रखने के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है. प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से प्रभावित क्षेत्रों की ओर न जाएं और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें.

पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. स्थानीय पुलिस बल के साथ-साथ पीएसी, पैरामिलिट्री फोर्स और वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती संवेदनशील इलाकों में की गई है. नोएडा ही नहीं, बल्कि आसपास के जनपदों में भी स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

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इन सभी संदिग्ध हैंडल्स की डिजिटल जांच उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा की जाएगी. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अफवाह और दुष्प्रचार के जरिए माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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