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'पोस्ट सिपाही... 20 करोड़ की कोठी कहां से बनवाई?', कोडीन कफ सिरप केस में आरोपी आलोक सिंह की पत्नी ED को नहीं दे सकीं जवाब

कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की पत्नी से लखनऊ में पूछताछ की, लेकिन वह 20 करोड़ रुपये की आलीशान कोठी के निर्माण में लगी रकम के स्रोत की जानकारी नहीं दे सकीं.

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कोडीन कफ सिरप मामले में ईडी ने आरोपी आलोक सिंह की पत्नी से पूछताछ की. (Photo: ITG)
कोडीन कफ सिरप मामले में ईडी ने आरोपी आलोक सिंह की पत्नी से पूछताछ की. (Photo: ITG)

लखनऊ में कोडीन कफ सिरप तस्करी (Codeine Cough Syrup Case) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई तेज कर दी है. इस मामले में बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की पत्नी से ईडी ने लंबी पूछताछ की है. सूत्रों के मुताबिक, ईडी की तीन सदस्यीय टीम ने लखनऊ स्थित आलोक सिंह के घर पहुंचकर उसकी पत्नी से करीब 20 करोड़ रुपये की आलीशान कोठी के निर्माण के लिए इस्तेमाल की गई रकम के स्रोत के बारे में सवाल किए.

पूछताछ के दौरान आलोक सिंह की पत्नी ईडी अधिकारियों को यह नहीं बता सकीं कि इतनी महंगी कोठी बनाने के लिए पैसा कहां से आया. ईडी ने आलोक सिंह के पिछले तीन वर्षों के आयकर रिटर्न (ITR) का ब्योरा खंगाला है, जिसमें उसकी आय लाखों रुपये में दर्शाई गई है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि लाखों की घोषित आय के बावजूद 20 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कैसे खड़ी की गई.

सूत्रों के अनुसार, आलोक सिंह की पत्नी ने पूछताछ में कहा कि संपत्ति और आय से जुड़ी पूरी जानकारी उनके पति आलोक सिंह के पास ही है. इससे पहले ईडी की टीम लखनऊ जेल में बंद आलोक सिंह से भी उसकी कमाई और आलीशान कोठी के संबंध में पूछताछ कर चुकी है, लेकिन वहां भी ईडी को संतोषजनक जवाब नहीं मिले. अब ईडी ने आलोक सिंह की पत्नी को दोबारा पूछताछ के लिए दफ्तर तलब किया है और इस संबंध में उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है.

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एजेंसी को आशंका है कि कोडीन कफ सिरप तस्करी से अर्जित अवैध धन को संपत्ति निर्माण में लगाया गया है. वहीं, सूत्रों का यह भी कहना है कि ईडी अब आलोक सिंह को कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि तस्करी नेटवर्क, अवैध कमाई और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की गहराई से जांच की जा सके. इस मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

कोडीन कफ सिरप केस क्या है?

कोडीन कफ सिरप केस उत्तर प्रदेश में 2025 के अंत में बड़ा सुर्खियों में आया. यह एक बड़े ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट से जुड़ा मामला है. कोडीन फॉस्फेट एक नियंत्रित (सरकारी निर्देशों के साथ उपयोग होता है) मादक पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में दवा के रूप में होता है, लेकिन इसका दुरुपयोग नशे के लिए किया जा रहा था. भारत में बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध खरीद-फरोख्त और तस्करी पर कड़ी पाबंदी है. जांच एजेंसियों को शक है कि इस केस में कफ सिरप को गैरकानूनी तरीके से सप्लाई कर देश के अलग-अलग हिस्सों और संभवतः सीमा पार भेजा गया. यह सिरप कानूनी रूप से केवल डॉक्टरों के प्रिस्क्रिप्शन पर बिकता है, लेकिन इसे नशे के रूप में इस्तेमाल कर कई राज्यों (पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, असम, नेपाल और बांग्लादेश तक) में तस्करी की जाती थी.

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कोडीन सिरप सिंडिकेट के काम करने का तरीका

  • फर्जी मेडिकल फर्म/कंपनियां बनाई गईं (जैसे Shaili Traders, Maa Sharda Medical आदि).
  • फर्जी बिलिंग, GST रिकॉर्ड, फर्जी एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट और लाइसेंस का इस्तेमाल.
  • वैध चैनलों से सिरप खरीदकर उसे अवैध रूप से डायवर्ट और बेचा जाता था.
  • इस कफ रैकेट का अनुमानित वैल्यू ₹1000 करोड़ से ज्यादा बताया जा रहा है.
  • अब तक कोडीन कफ सिरप की हजारों बोतलें जब्त हुई हैं.

बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह पर क्या आरोप हैं?

आलोक सिंह (मूल रूप से चंदौली जिले का निवासी) उत्तर प्रदेश पुलिस का बर्खास्त (dismissed) कॉन्स्टेबल है. उसे दो बार नौकरी से निकाला गया था (पहली बार 2006 में सोने की लूट के केस में, दूसरी बार 2019 में अन्य आरोपों पर). उस पर मुख्य आरोप हैं...

  • कोडीन कफ सिरप की अवैध सप्लाई चेन चलाने में मुख्य भूमिका.
  • झारखंड (धनबाद/रांची) और वाराणसी में दो होलसेल ड्रग यूनिट्स चलाना.
  • मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल और अमित सिंह टाटा (अमित टाटा) के साथ मिलकर फर्जी फर्मों के जरिए सिरप की तस्करी.
  • नेटवर्क को प्रोटेक्ट और फैसिलिटेट करना, राजनीतिक/पुलिस कनेक्शन का इस्तेमाल.
  • लखनऊ में आलीशान महल जैसी कोठी (लगभग 20 करोड़ की जमीन और निर्माण लागत + इंटीरियर) बनवाना, जिसमें कोई हाउसिंग लोन नहीं लिया गया. अपराध से कमाई की संपत्ति का शक.
  • ED ने दिसंबर 2025 में आलोक सिंह के घर पर छापेमारी की, लग्जरी सामान (Prada, Gucci बैग, Rado घड़ियां आदि) जब्त किए.
  • यूपी STF ने दिसंबर 2025 में आलोक सिंह को गिरफ्तार किया. उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हुआ था. क्योंकि उसके विदेश भागने की आशंका थी. 

आरोपी की बड़े नेताओं संग सामने आई तस्वीर 

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यह मामला काफी राजनीतिक विवाद में भी घिरा हुआ है, क्योंकि आलोक सिंह की कुछ पुरानी तस्वीरें समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ वायरल हुईं हैं. इनमें उसकी एक तस्वीर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ भी है. पूर्वांचल के बाहुबली और जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह से उसके कथित करीबी रिश्ते की बात सामने आई है. उनके साथ भी आलोक सिंह की एक तस्वीर सामने आई है. 

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