लोकसभा चुनाव नतीजों में झटका लगने के बाद बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने सभी पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ समीक्षा बैठक बुलाई है. यह बैठक 23 जून को लखनऊ में होगी. साथ ही जानकारी मिली है कि इस बैठक में आकाश आनंद को नहीं बुलाया गया है.
बीएसपी सुप्रीमो ने 23 जून को पार्टी समीक्षा बैठक बुलाई है. इस मीटिंग में पार्टी के सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों, जिलाध्यक्ष को शामिल रहने का निर्देश दिया गया है, लेकिन आकाश आनंद को नहीं बुलाया गया है. इस बैठक में लोकसभा चुनाव में हार की समीक्षा पर चर्चा होगी.
मायावती के वोट बैंक में गिरावट
बीएसपी इस चुनाव में पूरी तरीके से जमींदोज हो चुकी है. बसपा अब जाटवों का अपना मूल जनाधार भी खोती जा रही है. माना जा रहा है मायावती का वोट बैंक अब खिसककर 8 फ़ीसदी के आसपास रह गया है और इस बार उनके अपने मूल वोटरों में एक तिहाई से ज्यादा की सेंध लग गई है, सिर्फ मूल जाटव वोटर ही नहीं बल्कि गैर जाटों, दलितों में भी जो मायावती का जनाधार था वह इस बार बड़ी तादाद में खिसका है. नगीना में चंद्रशेखर आज़ाद का बड़े मार्जिन से जीतना और बसपा का लगभग मिट्टी में मिल जाना बड़े दलित बदलाव की ओर इशारा कर रहा है.
इस लोकसभा चुनाव में बसपा 2019 में जीती अपनी 10 सीटों पर या तो तीसरे नंबर या चौथे नंबर पर रही है. बीएसपी कहीं भी दूसरे नंबर पर नहीं आ पाई. मायावती के लिए अब आगे की राह और मुश्किल होती जा रही है , कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की तरफ बसपा के वोट खिसक चुके हैं. मायावती की एकला चलो की रणनीति और बीजेपी की "बी" टीम का चस्पा लेबल बीएसपी के लिए काल बनता जा रहा है.