बिजनौर में रिश्तों को शर्मसार करने वाले एक सनसनीखेज मामले में न्याय ने आखिरकार अपना काम कर दिखाया. पत्नी की गला घोंटकर हत्या करने के दोषी युवक जौनी को बिजनौर की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. खास बात यह रही कि इस जघन्य अपराध में आरोपी के खिलाफ सबसे मजबूत गवाही उसके अपने पिता ने दी. जिसने बेटे को सजा तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.
बेटे ने गला दबाकर की थी अपनी पत्नी की हत्या
यह मामला थाना स्योहारा क्षेत्र के गांव सदाफल का है. 8 जनवरी 2023 की रात जौनी अपनी पत्नी प्रियंका के साथ घर की ऊपरी मंजिल पर सो रहा था, जबकि पिता सोमपाल नीचे के कमरे में थे. रात करीब साढ़े ग्यारह बजे जौनी नीचे आया और पिता को बताया कि उसका पत्नी से विवाद हो गया है. कुछ ही देर में यह खुलासा हुआ कि विवाद के बाद उसने प्रियंका की गला दबाकर हत्या कर दी है.
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घटना की सूचना मिलते ही आरोपी के पिता सोमपाल ने बिना किसी दबाव या संकोच के थाने जाकर अपने ही बेटे के खिलाफ तहरीर दी. पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया और विवेचना पूरी कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की.
कोर्ट ने दोषी पर 25 हजार का जुर्माना भी लगाया
मामले की सुनवाई चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निजेंद्र कुमार की अदालत में हुई. अभियोजन पक्ष की ओर से कई महत्वपूर्ण गवाह पेश किए गए, जिनमें पिता सोमपाल की गवाही सबसे निर्णायक साबित हुई. चिकित्सकीय साक्ष्य और पुलिस जांच ने भी हत्या की पुष्टि की.
अदालत ने आरोपी जौनी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई. यह फैसला “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी का परिणाम माना जा रहा है. यह मामला न केवल कानून की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सच और साहस के आगे खून के रिश्ते भी आड़े नहीं आ सकते.