उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए झूठा मुकदमा दर्ज कराने की साजिश रचने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक अवैध 32 बोर की देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है.
थाना हल्दौर पुलिस के अनुसार 2 दिसंबर 2025 को ग्राम अम्हेड़ा के रहने वाले सलीम ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि कुछ नामजद अभियुक्तों ने उसके भाई नवाजिश पर जान से मारने की नीयत से फायर किया, जिससे गोली उसके कंधे में लग गई और वह घायल हो गया. इसी आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी.
खुद भाई को गोली मारकर झूठा मामला रचने का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को कई अहम तथ्य मिले. पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि शुरुआती रूप से लगाए गए आरोप झूठे थे. पुलिस को पता चला कि इस पूरी घटना के पीछे खुद वादी सलीम और उसका भाई नवाजिश शामिल थे. जांच में अकबर, शफीक और मकबूल उर्फ बुल्ला के नाम सामने आए.
पुलिस ने वांछित अभियुक्त सलीम और नवाजिश को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया. बरामदगी के बाद मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा जोड़ी गई.
अवैध पिस्टल के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
पूछताछ के दौरान सलीम ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि गांव में पुरानी रंजिश और विवाद के चलते बदला लेने की योजना बनाई गई थी. साजिश के तहत यह तय किया गया कि नवाजिश को हल्की गोली मारकर कुछ लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाया जाएगा. इसी योजना के अनुसार 2 दिसंबर 2025 को सलीम ने खुद अपने भाई नवाजिश पर फायर किया. गोली उसके कंधे से होकर हाथ में लग गई, जिससे फायर आर्म इंजरी हुई.
घटना के बाद सलीम ने खुद पुलिस को सूचना दी और 112 के माध्यम से दोनों को अस्पताल भिजवाया, फिर निर्दोष लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दे दी. हालांकि, पुलिस की गहन जांच में पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया. फिलहाल हल्दौर पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.