उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. थाना बिशारतगंज क्षेत्र के मोहम्मदगंज गांव में एक खाली पड़े मकान को अस्थायी मदरसा बनाकर कई जुम्मों से सामूहिक नमाज पढ़ी जा रही थी. इस गतिविधि को लेकर गांव के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई, लेकिन जब कोई बदलाव नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी.
सूचना मिलते ही बिशारतगंज पुलिस हरकत में आ गई और आनन-फानन में गांव पहुंची. मौके पर पुलिस ने देखा कि एक खाली मकान में सामूहिक रूप से नमाज अदा की जा रही है. इस दौरान पुलिस की मौजूदगी से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
यह भी पढ़ें: बरेली: जान बचाने के लिए बीजेपी MLC के घर में घुसा युवक, पीछे-पीछे आए हमलावरों ने नेता का घर घेरा, फिर...
12 लोग हिरासत में, तीन मौके से फरार
पुलिस की दबिश के दौरान नमाज पढ़ रहे 12 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि तीन लोग मौके से फरार हो गए. पुलिस ने बताया कि यह नमाज हनीफ के खाली पड़े मकान में पढ़ी जा रही थी. कार्यवाहक थाना प्रभारी अनीस अहमद ने मौके पर मौजूद लोगों से घर में सामूहिक नमाज पढ़ने की लिखित अनुमति मांगी, लेकिन कोई भी वैध अनुमति नहीं दिखाई जा सकी.
देखें वीडियो...
लिखित अनुमति न होने पर पुलिस ने 12 लोगों का शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया. पकड़े गए सभी आरोपियों को शनिवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई. वहीं, फरार तीन आरोपियों की तलाश पुलिस लगातार कर रही है.
वीडियो सामने आया, पुलिस ने दी सख्त चेतावनी
इस पूरे मामले से जुड़ा नमाज पढ़ने का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. वीडियो में खाली घर के अंदर सामूहिक नमाज अदा करते लोग दिखाई दे रहे हैं. पुलिस ने इस वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया है.

मामले में एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रीवेंटिव एक्शन लिया. उन्होंने साफ कहा कि बिना अनुमति कोई भी नई परंपरा या नया आयोजन करना कानूनन गलत है. ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कानून व्यवस्था बनाए रखें और किसी भी गतिविधि से पहले नियमों का पालन करें.