यूपी के बाराबंकी के सफदरगंज में चार फर्जी पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया है. ये सभी ग्राम प्रधानों और अधिकारियों से धन उगाही कर रहे थे. इन पर आरोप है कि इन्होंने वसूली के लिए धमकी दी और एक लाख रुपये की मांग की. जिसके बाद पुलिस ने जानकारी मिलने पर कार्रवाई की.
आपको बता दें कि यूट्यूब पोर्टल व सोशल मीडिया पर भ्रामक व फर्जी खबरें प्रसारित करने की धमकी देकर ग्राम प्रधानों, कोटेदारों एव अधिकारियों से धन उगाही करने वाले चार तथाकथित पत्रकारों को सफदरगंज पुलिस ने औलिया लालपुर गोशाला के निकट से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोप है कि कथित पत्रकार ग्राम प्रधान औलिया लालपुर से गोशाला के नाम पर वसूली करने पहुंचे थे.
बताया जा रहा है कि इन तथाकथित चारों पत्रकारों ने पूछताछ में जनपद गोंडा, बाराबंकी सहित अन्य जनपदों में कथाकथित पत्रकारों का गैंग बनाकर धन उगाही की बात को स्वीकार किया है. बताते चलें विगत पिछले एक पखवारे से खुद को टीवी चैनल का पत्रकार बताकर व्यापारी की दुकान की वीडियोग्राफी करने लगे और गो आश्रय स्थल प्यारेपुर सरैया, औलिया लालपुर मे ग्राम प्रधान से वसूली का दबाव बनाने लगे. ग्राम प्रधानों के विरोध पर तथाकथित पत्रकारों ने रौब में लेते हुए गोशाला की कमियों को न्यूज चैनल पर चलाने के लिए धमकी देकर प्रताड़ित करने लगे.
आरोप है कि खबर न प्रसारित करने की एवज में एक लाख रुपये की मांग की थी. मंगलवार को इन पत्रकारों के ग्रुप में शामिल महिला पत्रकारों के साथ चार पत्रकार गो आश्रय स्थल पहुंचकर एक लाख की पुन: मांग करने लगे. जिसपर ग्राम प्रधान की सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया, उपनिरीक्षक मुकेश कुमार, हेड कांस्टेबल प्रदीप मिश्र ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
मामले में सफदरगंज इंस्पेक्टर अमर चौरसिया ने बताया कि ये 4 लोग अपने को पत्रकार बता कर वसूली कर रहे थे. शिकायत पर जांच की गई. शिकायत सही पाए जाने पर इनको गिरफ्तार कर मुकदमा लिखा गया और इनको जेल भेज दिया गया.