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बांदा किडनैपिंग मिस्ट्री: सगा मामा ही निकला 'मास्टरमाइंड', पुलिस को गुमराह करने के लिए खेला 'डबल गेम'

यूपी के बांदा में एक मासूम के अपहरण की सनसनीखेज वारदात का खुलासा हुआ है. कर्ज और खुन्नस में डूबे सगे मामा ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर 10 साल के भांजे का स्कूल से लौटते समय किडनैप कर लिया. पुलिस ने 500 किलोमीटर दूर हरियाणा से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है.

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बांदा पुलिस की गिरफ्त में तीन आरोपी (Photo- ITG)
बांदा पुलिस की गिरफ्त में तीन आरोपी (Photo- ITG)

Uttar Pradesh News: बांदा जिले के बबेरू कस्बे में 7 मई को स्कूल से घर लौट रहे 10 वर्षीय हर्षित का नकाबपोश बदमाशों ने दिनदहाड़े अपहरण कर लिया. पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल 5 टीमों को सक्रिय किया. सर्विलांस और सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस ने किडनैपर्स का पीछा किया. यह पूरी साजिश मासूम के सगे मामा रामजी ने ऋषिकेश में अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर रची थी. आरोपियों ने बच्चे की जान के बदले 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी, जिन्हें पुलिस ने हरियाणा के रोहतक स्थित एक होटल से गिरफ्तार कर लिया.

ऋषिकेश में बनी साजिश, बांदा में वारदात

पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी मामा रामजी का अपनी बहन और जीजा (अनिल विश्वकर्मा) के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद था. रामजी ने उधार लिए पैसे वापस नहीं किए थे, जिसके कारण परिजनों ने उससे बातचीत बंद कर दी थी. इसी खुन्नस और जुए व अय्याशी की लत को पूरा करने के लिए उसने अपने भांजे हर्षित के अपहरण का प्लान बनाया. आरोपियों ने पहले ऋषिकेश में योजना तैयार की, फिर बांदा आकर वारदात को अंजाम दिया और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के रास्ते हरियाणा फरार हो गए.

अपहरण के बाद मामा का 'डबल गेम'

हैरानी की बात यह है कि अपहरण के बाद आरोपी मामा लगातार परिजनों के संपर्क में था. वह पुलिस और परिवार को गुमराह करने के लिए फोन कर रहा था कि वह अपहरणकर्ताओं को जानता है और डील करा देगा. उधर, किडनैपर्स 10 लाख की फिरौती मांगते हुए बच्चे को जान से मारने की धमकी दे रहे थे. एसपी पलाश बंसल खुद ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहे थे. पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए परिजनों से कुछ पैसे आरोपियों के खाते में डलवाए और बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उसका वीडियो भी मंगवाया. 

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सीसीटीवी और टोल प्लाजा से खुला राज

पुलिस की सर्विलांस टीम ने जब लोकेशन ट्रैक की, तो संदिग्ध गाड़ी बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से आगरा की ओर जाती दिखी. टोल प्लाजा से मिले गाड़ी के नंबरों का मिलान करते हुए पुलिस की टीम रोहतक के एक होटल तक पहुंच गई. होटल स्टाफ को बच्चे की फोटो दिखाई गई, जिन्होंने पुष्टि की कि बच्चा तीन युवकों के साथ कमरे में है. पुलिस ने जाल बिछाकर एक आरोपी को बाहर दबोचा और फिर उसकी मदद से कमरा खुलवाकर हर्षित को सकुशल बरामद कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम

मासूम हर्षित को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों की आंखों में आंसू आ गए. एसपी पलाश बंसल ने इस सफल ऑपरेशन के लिए पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है. एएसपी शिवराज ने बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. 

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