उत्तर प्रदेश में बागपत जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक नवविवाहिता परवीन को सिर्फ दहेज के लिए न सिर्फ शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गईं, बल्कि उसकी इज्जत, सुरक्षा और जिंदगी तक को दांव पर लगा दिया गया.
शादी के बाद से जारी अत्याचार का दौर
पीड़िता के मुताबिक उसका निकाह दिसंबर 2022 में मेरठ के सिवालखास निवासी सुहैल से हुआ था. शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष की असलियत सामने आने लगी. दहेज की मांगें बढ़ती चली गईं और जब मांग पूरी नहीं हुई तो अत्याचार का दौर शुरू हो गया.
देवर ने कमरे में खींचा तो...
महिला का आरोप है कि उसका देवर जैद उसके साथ लगातार छेड़छाड़ करता था. वह उसे जबरन कमरे में खींच ले जाता और कई बार उसके साथ जबरदस्ती का प्रयास कर चुका था. पीड़िता ने जब इस घिनौनी हरकत की शिकायत अपने पति सुहैल से की, तो इंसाफ दिलाने के बजाय उसने उल्टा ताना मारते हुए कहा- 'जब दहेज नहीं लाई तो जो कर रहा है करने दो, वो तुम्हारा देवर है… हमें कोई दिक्कत नहीं.'
यहीं नहीं, आरोप है कि सास ने भी दहेज के लिए उसपर कहर बरपाया. महिला के पैरों पर गर्म पानी डालकर उसे जलाया गया. इसके बावजूद मायके वालों ने रिश्ता बचाने की कोशिश में कई बार पैसे दिए, बाइक दी, लेकिन ससुराल वालों की भूख और बढ़ती गई.
तीन बार ‘तलाक’ बोलकर बेटी संग निकाला
बाद में कार की मांग रखी गई और जब मांग पूरी नहीं हुई तो पति ने तीन बार ‘तलाक’ बोलकर उसे मासूम बेटी समेत घर से निकाल दिया. पीड़िता का कहना है कि वह इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही है. आखिरकार उसने बागपत पुलिस से गुहार लगाई, जहां पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई गई है. बागपत पुलिस ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से मामले को संज्ञान में लेने और वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
'जब दहेज नहीं लाई तो क्या दिक्कत है?'
पीड़िता ने बताया कि मुझे दहेज के लिए तीन तलाक दे दिया गया. देवर मेरे साथ छेड़छाड़ करता था. जब मैंने पति से बताया तो कहा गया कि जब दहेज नहीं लाई तो क्या दिक्कत है? देवर है जो करता है करने दो. सास ने गर्म पानी से मेरे पैर तक जला दिए थे. मेरे पति ने दहेज के लिए मुझे बेटी संग घर से निकाल दिया. उक्त प्रकरण में थाना प्रभारी कोतवाली बागपत को जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है.