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हार मंजूर लेकिन शराब नहीं, बागपत पंचायत में प्रत्याशियों ने ली शपथ, वोट के बदले शराब मांगने वालों का होगा बहिष्कार

बागपत के ढिकौली गांव में पंचायत चुनाव से पहले शराब के खिलाफ बड़ा फैसला लिया गया. पंचायत में तय हुआ कि वोट के बदले शराब नहीं बांटी जाएगी. शराब मांगने वाले वोटरों का बहिष्कार होगा. खाप चौधरियों और प्रत्याशियों ने मिलकर चुनाव को शराब मुक्त बनाने का संकल्प लिया.

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शराब मांगने वालों का होगा बहिष्कार (Photo: Screengrab)
शराब मांगने वालों का होगा बहिष्कार (Photo: Screengrab)

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले बागपत जिले की राजनीति और सामाजिक माहौल में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. ढिकौली गांव में आयोजित एक बड़ी पंचायत में शराब के खिलाफ ऐसा फैसला लिया गया, जिसने चुनावी परंपराओं को चुनौती दे दी. इस पंचायत में न तो नारे लगे और न ही वादों की लंबी सूची सामने आई, बल्कि शराब के खिलाफ सामूहिक संकल्प ने सबका ध्यान खींचा. पंचायत से साफ संदेश दिया गया कि हार मंजूर है, लेकिन वोट के बदले शराब नहीं.

बागपत के ढिकौली गांव में हुई इस पंचायत में पंचों, प्रत्याशियों और खाप चौधरियों ने एक सुर में चुनाव को शराब मुक्त बनाने का ऐलान किया. पंचायत में मौजूद पंचों ने स्पष्ट कहा कि चुनाव के दौरान शराब बांटने पर पूरी तरह रोक रहेगी. वहीं चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों ने खुले मंच से शपथ ली कि वे वोट पाने के लिए शराब का सहारा नहीं लेंगे.

पंचायत में शराब के खिलाफ बड़ा फैसला

पंचायत में यह भी फैसला लिया गया कि अगर कोई वोटर शराब की मांग करता है, तो प्रत्याशी उसके घर तक नहीं जाएंगे. प्रत्याशियों ने साफ शब्दों में कहा कि वोट मिले या न मिले, लेकिन शराब की मांग करने वालों से दूरी बनाई जाएगी. इस फैसले को पंचायत में मौजूद खाप चौधरियों का भी पूरा समर्थन मिला.

खाप चौधरियों ने शराब को समाज की जड़ों को कमजोर करने वाली बुराई बताया. उन्होंने कहा कि शराब के कारण परिवार टूट रहे हैं, तलाक के मामले बढ़ रहे हैं और सामाजिक ताना-बाना कमजोर हो रहा है. पंचायत में यह भी कहा गया कि शराब की लत के चलते युवाओं में शारीरिक कमजोरी बढ़ रही है और समाज अंदर से खोखला हो रहा है.

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शराबबंदी को लेकर सामूहिक निर्णय लिया

खाप नेताओं ने ऐलान किया कि यह मुहिम केवल ढिकौली गांव तक सीमित नहीं रहेगी। जल्द ही बड़ी खाप पंचायत बुलाई जाएगी, जिसमें कई गांवों के प्रतिनिधि शामिल होंगे और शराबबंदी को लेकर सामूहिक निर्णय लिया जाएगा. खाप अपने स्तर से गांव-गांव जनजागरण अभियान भी चला रही है, ताकि नई पीढ़ी को इस सामाजिक बुराई से बचाया जा सके.

पंचायत आयोजक सोमेंद्र ढाका ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को शराब मुक्त बनाने के लिए यह पंचायत बुलाई गई थी, जिसमें खाप मुखिया, प्रत्याशी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए. प्रधान पद के प्रत्याशी राजू फौजी ने कहा कि उन्होंने शराब छोड़ दी है और अब शराब के खिलाफ अभियान चलाएंगे, भले ही उन्हें चुनाव हारना पड़े.

पंचायत चुनाव को शराब मुक्त बनाना है मकसद

कुल मिलाकर ढिकौली की यह पंचायत केवल चुनावी फैसला नहीं, बल्कि बागपत में एक नई सामाजिक सोच की शुरुआत मानी जा रही है, जहां वोट की कीमत शराब नहीं, बल्कि चरित्र और विकास तय करेगा.

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