बागपत के सिसाना गांव में रविवार को भीषण आग लगने से किसानों की खड़ी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई. आग चलते करीब 30 से 31 बीघा तैयार फसल जलकर राख हो गई. जिससे किसानों को लाखों रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा. जानकारी के अनुसार गांव निवासी किसान राजकिशोर अपने खेत में खड़ी गेहूं की फसल की कटाई की तैयारी कर रहे थे. फसल पूरी तरह पक चुकी थी और कुछ ही दिनों में कटाई शुरू होनी थी.
ग्रामीणों ने लगाया ये आरोप
इसी दौरान अचानक खेत में आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. तेज हवा के कारण लपटें तेजी से फैलती चली गईं और आसपास के खेत भी इसकी चपेट में आ गए. ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए.
घटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन पीड़ित किसान का आरोप है कि दमकल विभाग की टीम देरी से मौके पर पहुंची. जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक पूरी फसल जलकर राख हो चुकी थी. इस हादसे में एक अन्य किसान की फसल को भी नुकसान पहुंचा है. घटना के बाद किसान राजकिशोर और उनका परिवार सदमे में है. उनकी आंखों के सामने सालभर की मेहनत और उम्मीदें जलकर खाक हो गईं.
अग्निशमन अधिकारी ने क्या कहा?
बागपत के मुख्य अग्निशमन अधिकारी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही दो दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया था. कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, हालांकि तब तक लगभग 30 बीघा फसल जल चुकी थी. राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई. प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन कर पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलाने की बात कही जा रही है.