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अयोध्या धाम और पंचकोशी परिक्रमा मार्ग में नॉनवेज पर पूरी तरह रोक, ऑनलाइन फूड डिलीवरी भी बैन

अयोध्या धाम और पंचकोशी परिक्रमा मार्ग में नॉनवेज पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. होटल, ढाबे, गेस्ट हाउस के साथ अब ऑनलाइन फूड डिलीवरी पर भी रोक रहेगी. प्रशासन ने नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.

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नॉनवेज पर पूरी तरह प्रतिबंध (Photo: Representational)
नॉनवेज पर पूरी तरह प्रतिबंध (Photo: Representational)

रामनगरी अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है. अयोध्या धाम और पंचकोशी परिक्रमा मार्ग के भीतर अब नॉनवेज भोजन की बिक्री और परोसने पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. यह प्रतिबंध केवल होटल, ढाबे और दुकानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों पर भी समान रूप से लागू होगा.

प्रशासन के आदेश के अनुसार अब गेस्ट हाउस और होम स्टे में भी नॉनवेज भोजन परोसने की अनुमति नहीं होगी. इससे पहले भी इस क्षेत्र में नॉनवेज पर प्रतिबंध लागू था, लेकिन इसके बावजूद लगातार नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आ रही थीं. जांच में यह सामने आया कि कुछ पर्यटकों को ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप के जरिए नॉनवेज मंगाकर परोसा जा रहा था. इससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही थीं.

नॉनवेज भोजन की बिक्री और परोसने पर रोक

इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने अब ऑनलाइन नॉनवेज डिलीवरी पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी कर दिया है. प्रशासन का कहना है कि अयोध्या धाम और पंचकोशी परिक्रमा मार्ग एक पवित्र धार्मिक क्षेत्र है, जहां आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाओं का सम्मान किया जाना जरूरी है.

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आदेश के तहत सभी होटल संचालकों, ढाबा मालिकों, दुकानदारों और ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दे दिए गए हैं कि प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का नॉनवेज भोजन न तो बनाया जाए और न ही सप्लाई किया जाए.

होटल, ढाबे और दुकानदारों को खास निर्देश

सहायक खाद्य आयुक्त मानिक चंद्र सिंह ने आदेश की पुष्टि करते हुए बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जाएगी और यदि कोई होटल, गेस्ट हाउस, दुकान या ऑनलाइन कंपनी आदेश का पालन नहीं करती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई तय है.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धार्मिक मर्यादा से जुड़े इस आदेश में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से अयोध्या की आध्यात्मिक पहचान और धार्मिक वातावरण को और मजबूत किया जा सकेगा.

श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा अहम फैसला

प्रशासन के इस कदम को स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा अहम फैसला माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य अयोध्या की परंपराओं और धार्मिक मर्यादा को बनाए रखना है.

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