सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे पर तंज कसा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जापान जा रहे हैं तो क्योटो भी चले जाइएगा, जिससे ये पता चल सके कि प्रधान-संसदीय क्षेत्र काशी, क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया या उसकी विरासत कैसे बिगड़ी. अखिलेश ने कहा कि जापान से विरासतों को बचाने और शहरों को आगे बढ़ाने का सकारात्मक सबक लेते आइएगा.
अखिलेश यादव ने आगे लिखा- वैसे अब चला-चली की बेला में अपने अंतिम वर्ष में कौन सा तो ये जापान का अध्ययन कर लेंगे और क्या ही योजना बना पाएंगे. ये मुख्यमंत्री जी का ‘मनसुख-पर्यटन’ है, अगर वो स्वीकार कर लें, तो जाते-जाते कम-से-कम एक सच बोलने के लिए उन्हें लोग याद रखेंगे. ‘वनस्पति के विशेष अध्ययन’ का व्यक्तिगत लाभ ही उठाएंगे या अपने करीबियों से भी साझा करेंगे.
आपको बता दें कि सीएम योगी 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के दौरे पर जा रहे हैं. यह उनके 9 वर्षों के कार्यकाल में दूसरी विदेश यात्रा है. इससे पहले 2017 में वे म्यांमार के सीमित दौरे पर गए थे, लेकिन उसके बाद उन्होंने लंबे समय तक विदेश यात्राओं से दूरी बनाए रखी. अब उत्तर प्रदेश में निवेश और आधुनिक ढांचे को गति देने की रणनीति के तहत सीएम दो महत्वपूर्ण एशियाई देशों की यात्रा पर जा रहे हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने 9 साल के कार्यकाल में दूसरी बार विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। 22 से 24 फरवरी तक वे सिंगापुर में निवेशकों से संवाद करेंगे और 25-26 फरवरी को जापान पहुंचेंगे। इस दौरे का मुख्य आकर्षण जापान की 'मैग्लेव ट्रेन' की 100 किलोमीटर की परीक्षण यात्रा है। यह ट्रेन चुंबकीय शक्ति (मैग्नेटिक लेविटेशन) के सहारे बिना पटरी को छुए हवा में तैरते हुए चलती है। योगी इस तकनीक को समझने के साथ-साथ यूपी में निवेश और औद्योगिक विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से मुलाकात करेंगे।
अत्याधुनिक मैग्लेव ट्रेन का सफर
जापान में सीएम योगी 600 किमी/घंटा की गति वाली मैग्लेव ट्रेन में सफर करेंगे. यह ट्रेन घर्षण रहित तकनीक पर आधारित है, जिसे भविष्य की परिवहन व्यवस्था माना जा रहा है. विशेषज्ञों के साथ वे इसके संचालन मॉडल पर चर्चा करेंगे ताकि यूपी की भविष्य की परियोजनाओं को दिशा मिल सके.
निवेश और सांस्कृतिक जुड़ाव
सिंगापुर और जापान में सीएम का फोकस डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर है. वे टोक्यो के निकट राम-हनुमान मंदिर में दर्शन भी करेंगे. खास बात यह है कि योगी विदेश में भी अपने पारंपरिक भगवा पहनावे में रहेंगे, हालांकि औपचारिक दौरों पर वे जूतों का उपयोग करेंगे.