समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार 'डबल इंजन' की बात तो खूब करती है, लेकिन हकीकत ये है कि आज दोनों इंजन ईंधन की जुगाड़ में लगे हुए हैं. माफियाओं के मुद्दे पर भी अखिलेश ने सरकार को घेरा.
अखिलेश ने कहा कि गलत नीतियों और कानूनों की वजह से व्यापारी वर्ग बुरी तरह परेशान है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा के राज में कारोबार आर्थिक और सामाजिक आपातकाल से गुजर रहा है. एक साल के अंदर 35 हजार से ज्यादा MSMEs बंद हो चुकी हैं, जबकि सरकार बिचौलियों और मुनाफाखोरों को लाभ पहुंचाने में जुटी है.
'सरकार का पूरा तंत्र काम कर रहा'
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निवेश के बदले एडवांस कमीशन की मांग की जा रही है और टैक्स सिस्टम व्यापारियों में भय और असुरक्षा पैदा कर रहा है. GST के पुराने और झूठे नोटिसों के जरिए सेटलमेंट के नाम पर सरकार का पूरा तंत्र काम कर रहा है.
अखिलेश ने कहा, कानपुर समेत कई शहरों में प्रतिष्ठानों पर सेटलमेंट के नाम पर पुलिस बैठा दी गई है, जबकि ED और GST के नोटिस देकर चंदा वसूली की जा रही है. उन्होंने वादा किया कि समय आने पर समाजवादी सरकार व्यापारियों के लिए सरल नीतियां लाएगी और उन्हें अफसरशाही से सुरक्षा दिलाएगी.
उन्होंने कहा, कहने को डबल इंजन की सरकार है, लेकिन हर इंजन ईंधन की जुगाड़ में है. अगर सरकार के लोग आईना देखकर निकलते, तो उन्हें हर जिले में माफिया नजर आता. आज बीजेपी से बड़ा कोई माफिया नहीं है.
10 माफियाओं की लिस्ट जारी करे सरकार
उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार अब तक टॉप 20 माफियाओं की सूची तक जारी नहीं कर सकी है. अखिलेश ने चुनौती दी कि कम से कम मैनपुरी और इटावा के टॉप 10 माफियाओं की लिस्ट ही जारी कर दे, जनता जानती है कि असली माफिया कौन है.