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आगरा ट्रांसपोर्टर केस: 'हिट एंड रन' नहीं, GST अधिकारी के करीबी ने रची थी असगर अली के 'मर्डर' की साजिश!

आगरा के ट्रांसपोर्टर असगर अली की मौत मामले में पुलिस ने 'हिट एंड रन' के बजाय हत्या की धारा जोड़ी है. जांच में जीएसटी अधिकारी के करीबी रवि यादव की लोकेशन घटनास्थल पर मिली है. मृतक ने मौत से दो दिन पहले अपनी जान को खतरा बताया था. अब पुलिस इसे साजिशन हत्या मानकर जांच कर रही है.

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मृतक असगर अली (Photo- ITG)
मृतक असगर अली (Photo- ITG)

Uttar Pradesh News: आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र में ट्रांसपोर्टर असगर अली की मौत का मामला अब बेहद सनसनीखेज मोड़ पर पहुंच गया है. जिस घटना को शुरुआती दौर में सड़क हादसा माना जा रहा था, अब पुलिस जांच में वह एक सुनियोजित हत्या के रूप में सामने आ रही है. साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने केस में आरोपितों में से एक रवि यादव के खिलाफ हादसे की धारा को हटाकर हत्या की धारा जोड़ दी है.

जानिए पूरी कहानी 

इस मामले में जीएसटी अधिकारी निवेदिता सिंह के पति अजय पाल सिंह यादव के करीबी रवि यादव को आरोपी बनाया गया है. जांच में उसकी लोकेशन घटनास्थल पर मिलने के साथ कई ऐसे सबूत हाथ लगे हैं, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बना दिया है. पुलिस अब इस केस को केवल सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि साजिशन हत्या के एंगल से देख रही है.

यह भी पढ़ें: बिना हॉर्न, बिना ब्रेक... सीधे टक्कर! आगरा के ट्रांसपोर्टर असगर अली की डेथ मिस्ट्री उलझी; असिस्टेंट कमिश्नर GST और उनके पति पर गंभीर आरोप

शाहगंज के मेवाती गली निवासी असगर अली ट्रांसपोर्ट का कारोबार करते थे. 3 अप्रैल की रात वह अपनी कंपनी से जूतों का माल लेकर ट्रक से जयपुर के लिए निकले थे. रास्ते में फतेहपुर सीकरी के कौरई टोल प्लाजा के पास जीएसटी के सचल दस्ते ने उनका ट्रक रोक लिया. इसके बाद ट्रक और चालक को जयपुर हाउस स्थित जीएसटी कार्यालय भेज दिया गया, जबकि असगर अली वहां से अकेले लौटे थे.

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लेकिन अगली सुबह, 4 अप्रैल को मल्ल का चबूतरा इलाके में उनकी लाश मिलने से सनसनी फैल गई. सीसीटीवी फुटेज में असगर अली सड़क पर पैदल जाते दिखाई देते हैं. तभी पीछे से तेज रफ्तार कार आती है और उन्हें टक्कर मारकर फरार हो जाती है. शुरुआत में इसे हिट एंड रन माना गया, लेकिन परिजनों ने शुरू से ही इसे हत्या बताया.

परिजनों ने लगाया था जीएसटी अधिकारी पर आरोप 

परिवार का आरोप था कि असगर अली और जीएसटी अधिकारी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. उन्होंने महिला जीएसटी अधिकारी, उनके पति, चालक, रवि यादव और अन्य लोगों पर साजिश रचकर हत्या कराने का आरोप लगाया था. अब पुलिस जांच में भी कई कड़ियां उसी दिशा में जुड़ती दिखाई दे रही हैं.

जांच में पुलिस को पता चला कि घटनास्थल पर रवि यादव की मोबाइल लोकेशन मौजूद थी. इतना ही नहीं, जिस स्थान पर घटना में इस्तेमाल कार को छिपाया गया, वहां भी उसके मौजूद होने के सबूत मिले हैं. कार चालक की पहचान जालौन निवासी प्रेम नारायण के रूप में हुई है, जो आगरा की एक गोशाला में काम करता है. पुलिस के अनुसार कार अक्सर उसी के पास रहती थी.

रवि यादव खुद को जीएसटी अधिकारी के पति का रिश्तेदार बताता था और कथित तौर पर पूरे विवाद में सक्रिय भूमिका निभा रहा था. घटना के बाद जैसे ही आरोप लगने शुरू हुए, रवि यादव, प्रेम नारायण, जीएसटी अधिकारी, उनके नगर निगम अधिकारी पति समेत कई लोग अंडरग्राउंड हो गए. पुलिस को रवि यादव की आखिरी लोकेशन प्रयागराज में मिली है, जिसके बाद उसकी तलाश में टीमें लगाई गई हैं.

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इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी पुराना विवाद माना जा रहा है. असगर अली का ट्रक पहले भी जीएसटी अधिकारी द्वारा पकड़ा गया था. असगर ने आरोप लगाया था कि वसूली की रकम न देने पर उनके खिलाफ गलत तरीके से कार्रवाई और चालान किया गया. वहीं जीएसटी अधिकारी ने असगर अली पर चौथ मांगने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया था.

मौत से महज दो दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस

मामला यहीं नहीं रुका. असगर अली ने कई विभागों में जीएसटी अधिकारी की शिकायत भी की थी. मौत से महज दो दिन पहले उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सार्वजनिक तौर पर अपनी जान को खतरा बताया था. उन्होंने रवि यादव और उसके साथियों पर दबाव बनाने, समझौते के लिए धमकाने और सोशल मीडिया पर भ्रामक बातें फैलाने के आरोप लगाए थे.

अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या असगर अली को पहले से किसी बड़े खतरे का अंदेशा था? क्या यह हत्या पुराने विवाद और कथित वसूली के आरोपों से जुड़ी है? और क्या इस पूरे नेटवर्क में कुछ और चेहरे भी शामिल हैं?

डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने साफ कहा है कि पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है. साक्ष्यों के आधार पर हत्या की धारा आरोपित रवि यादव के खिलाफ बढ़ाई गई हैं. उन्होंने बताया कि घटना के तार जीएसटी कार्यालय में कथित वसूली से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं. पुलिस का कहना है कि जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ हत्या समेत सख्त धाराओं में कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, यह मामला आगरा में चर्चाओं के केंद्र में है और हर किसी की नजर अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है.

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