आगरा जनपद में लगातार मंदिरों को निशाना बना रहे शातिर चोरों के एक गिरोह का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में चोरी किए गए पीतल के घंटे, चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार और एक ऑटो बरामद किया गया है. पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मंदिरों से घंटा चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था.
यह पूरा मामला थाना बाह क्षेत्र का है. 27 जनवरी 2026 को थाना बाह निवासी पशुराम ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 17 जनवरी की रात चोरों ने सिथावली स्थित काली माता मंदिर को निशाना बनाया. चोर मंदिर परिसर से एक बड़ा पीतल का घंटा, दो छोटे घंटे और अन्य सामान चोरी कर ले गए थे. शिकायत के आधार पर थाना बाह में मुकदमा दर्ज किया गया था. घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों में आक्रोश था और मंदिरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी.
विशेष पुलिस टीम का गठन
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त पूर्वी जोन अभिषेक अग्रवाल के निर्देशन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया. टीम को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि मंदिरों में चोरी की बढ़ती घटनाओं का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए. पुलिस टीम ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया. जांच के दौरान यह बात सामने आई कि चोरी की घटनाएं एक ही पैटर्न पर हो रही थीं, जिससे किसी संगठित गिरोह के सक्रिय होने की आशंका मजबूत हुई.
चेकिंग के दौरान मिली सफलता
27 जनवरी की रात थाना बाह पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मंदिरों से घंटा चोरी करने वाले आरोपी एक ऑटो में सवार होकर इलाके से गुजरने वाले हैं. सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बताए गए स्थान पर घेराबंदी की और दो संदिग्धों को रोककर तलाशी ली. तलाशी के दौरान ऑटो से बड़ी संख्या में पीतल के घंटे और चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार बरामद किए गए. इसके बाद दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया.
बरामदगी ने खोले कई राज
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 31 छोटे-बड़े पीतल के घंटे, एक आरी, एक लोहे का भाला, एक लोहे का सब्बल और चोरी में प्रयुक्त एक ऑटो बरामद किया है. बरामद सामान को देखकर पुलिस को अंदाजा हुआ कि आरोपी केवल एक-दो घटनाओं में नहीं, बल्कि कई मंदिरों में चोरी कर चुके हैं. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शैलेन्द्र उर्फ टट्टा उर्फ भूरे उर्फ नंद किशोर उर्फ संतोष पुत्र हेतराम और मनोज पुत्र चन्द्रपाल के रूप में हुई है. दोनों आरोपी थाना बाह क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं और पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रह चुके हैं. पुलिस पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है.
ऐसे करते थे मंदिरों में चोरी
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे अपने साथियों राजेश और नाहर सिंह के साथ मिलकर अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मंदिरों को निशाना बनाते थे. गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था. आरोपी रात के अंधेरे में मंदिरों की रेकी करते, फिर मौका देखकर ताले तोड़ते या घंटों को काटकर चोरी कर लेते थे. इसके लिए वे आरी, सब्बल और अन्य लोहे के औजारों का इस्तेमाल करते थे. आरोपियों ने यह भी कबूल किया कि 17 जनवरी की रात उन्होंने ग्राम सिथावली स्थित काली माता मंदिर से तीन पीतल के घंटे चोरी किए थे.
चोरी का माल ऐसे बेचा जाता था
पुलिस के अनुसार, चोरी किए गए घंटों को आरोपी कबाड़ी या राह चलते फेरी वालों को बेच देते थे. आरोपियों ने बताया कि सिथावली मंदिर से चोरी किए गए घंटों में से एक घंटे को उन्होंने एक फेरी वाले को 1800 रुपये में बेच दिया था. चोरी से मिलने वाली रकम को सभी आरोपी आपस में बांट लेते थे. इस तरह वे धार्मिक आस्था से जुड़े सामान को पैसों के लिए बेचने से भी नहीं चूकते थे.
फरार साथियों की तलाश जारी
पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं उनके फरार साथियों राजेश और नाहर सिंह की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही गिरोह के बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उन्होंने अब तक किन-किन मंदिरों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है. पुलिस उपायुक्त पूर्वी जोन अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है. उन्होंने आम जनता से अपील की है कि अगर कहीं संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें. पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी कीमत पर धार्मिक स्थलों की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.