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VIDEO: गाजीपुर में पुलिस ने रोका काफिला तो भड़के सपा सांसद, पुलिस से भिड़े अफजाल अंसारी, बीच सड़क तीखी नोकझोंक

गाजीपुर में 'दिशा' की बैठक में जा रहे सपा सांसद अफजाल अंसारी की पुलिस अधिकारियों से बीच सड़क पर जोरदार बहस हो गई. सांसद का आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर उनकी गाड़ी रोकी, जबकि अधिकारी इससे इनकार करते रहे. इस दौरान विधायक भतीजे शोएब अंसारी और एमएलसी आशुतोष सिंहा भी मौजूद थे.

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सपा सांसद अफजाल अंसारी की पुलिस अधिकारियों से बहस (Photo- Screengrab)
सपा सांसद अफजाल अंसारी की पुलिस अधिकारियों से बहस (Photo- Screengrab)

यूपी के गाजीपुर में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी की पुलिस अधिकारियों से नेशनल हाईवे पर तीखी नोकझोंक होती दिख रही है. वीडियो में अफजाल अंसारी, सीओ सिटी शेखर सेंगर और सदर कोतवाल महेंद्र सिंह आमने-सामने नजर आ रहे हैं. सपा सांसद का आरोप है कि दिशा की बैठक में जाते समय उनकी गाड़ी को अचानक रोका गया, जबकि पुलिस अधिकारी इससे इनकार करते दिख रहे हैं. उनके साथ मोहम्दाबाद से विधायक भतीजे शोएब अंसारी और सपा MLC आशुतोष सिंहा भी मौजूद थे.

वीडियो में सांसद कहते सुनाई दे रहे हैं कि वे एक आधिकारिक बैठक में जा रहे थे, ऐसे में उनकी गाड़ी को बीच सड़क क्यों रुकवाया गया. उन्होंने पुलिस से कहा कि अगर जांच करनी है तो गाड़ी की जांच कर लें, उसमें बैठे लोगों के नाम-पते नोट कर लें, लेकिन इस तरह सार्वजनिक स्थान पर रोकना गलत है.  वहीं, पुलिस अधिकारी बार-बार यह कहते नजर आते हैं कि उन्होंने सांसद की गाड़ी को नहीं रोका.  

ये वीडियो गुरुवार का है जब गाजीपुर के सपा सांसद अफजाल अंसारी 'दिशा' (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक में जिला मुख्यालय जा रहे थे. इसी दौरान हाईवे पर पुलिस द्वारा गाड़ियों को रोका गया था जिसपर सांसद शहर कोतवाल और सीओ सिटी पर भड़क गए.

नोकझोंक के दौरान अफजाल अंसारी पुलिस से यह भी कहते दिखते हैं कि “चलिए, ले चलिए, कहां ले चलेंगे?” और सवाल उठाते हैं कि क्या पुलिस उनका अपहरण करना चाहती है. इस पर पुलिसकर्मी जवाब देते हैं कि ऐसा कोई इरादा नहीं है. सांसद ने कहा कि नेशनल हाईवे पर इस तरह रोके जाने से लोग लगातार फोन कर रहे हैं और यह पूरे घटनाक्रम को 'तमाशा' बना रहा है.

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सपा सांसद ने कहा कि वे दिशा की बैठक के आमंत्रित सदस्य हैं और उनके साथ जनप्रतिनिधि व समिति के सदस्य मौजूद थे. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी स्पष्ट कारण के गाड़ी रोकने की बात कही, जो एक जनप्रतिनिधि के विशेषाधिकार (प्रिविलेज) का हनन है. अफजाल अंसारी ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि यह तरीका गलत है और इसे बदला जाना चाहिए.

वीडियो में सीओ सिटी यह कहते सुनाई देते हैं कि जैसे ही उन्होंने सांसद और विधायक की गाड़ी देखी, उन्होंने जाने देने की बात कही. इस पर सांसद ने पलटकर सवाल किया कि जब जाने ही देना था तो रोका ही क्यों गया. उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं.

वीडियो वायरल होने के बाद सांसद अफजाल अंसारी ने गाजीपुर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने एसपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर पुलिस को घटनाओं से पहले इनपुट मिल जाता है, तो गाजीपुर में पहले हुई कई घटनाओं की जानकारी क्यों नहीं मिली. सांसद ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि उन्हें जान का खतरा है. उन्होंने सवाल किया कि क्या इस संबंध में पुलिस के पास कोई इनपुट है.

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फिलहाल, यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. एक ओर सांसद पुलिस पर प्रोटोकॉल उल्लंघन और दुर्व्यवहार का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस अधिकारी गाड़ी न रोके जाने की बात कह रहे हैं. इस पूरे मामले ने गाजीपुर में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों के साथ व्यवहार को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

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