
Uttar Pradesh News: बहराइच से भाजपा विधायक और यूपी सरकार में रहीं मंत्री अनुपमा जायसवाल इस समय लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती हैं. वह सपा प्रमुख अखिलेश यादव का पुतला फूंकते समय अचानक भड़की आग की लपटों की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गई थीं. यह घटना शनिवार को बहराइच में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के समर्थन में आयोजित 'महिला जन आक्रोश मार्च' के दौरान हुई थी. अखिलेश यादव ने बीते मंगलवार को अस्पताल पहुंचकर जायसवाल और उनके परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने इस मुलाकात को मानवीय रिश्तों और सकारात्मक राजनीति की परंपरा बताते हुए विधायक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.
चेहरे और आंखों पर आई गंभीर चोटें
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, विधायक अनुपमा जायसवाल आईसीयू के आइसोलेशन वार्ड में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में हैं. उनके चेहरे का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा आग से प्रभावित हुआ है. माथे और कान पर लगभग 60 प्रतिशत बर्न इंजरी है, जबकि नाक, होंठ और भौंहों पर भी जख्म आए हैं. बताया जा रहा है कि उनकी एक आंख भी आंशिक रूप से प्रभावित हुई है. डॉक्टर अभी अगले 48 से 72 घंटों तक उनकी स्थिति का बारीकी से आकलन कर रहे हैं.
सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पहुंचे हाल जानने
विधायक का हाल जानने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य और भाजपा संगठन के महामंत्री धर्मपाल भी अस्पताल पहुंचे. उन्होंने अनुपमा जायसवाल को महिलाओं के सम्मान के लिए समर्पित नेता बताया.

वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार में व्यस्त होने के बावजूद फोन पर विधायक से बात की और उनके बेहतर इलाज के निर्देश दिए. सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और मेयर सुषमा खर्कवाल ने भी अस्पताल पहुंचकर संवेदनाएं व्यक्त कीं.
सियासी मतभेदों से ऊपर मानवीय संवेदना
अनुपमा जायसवाल के पति अशोक जायसवाल ने अखिलेश यादव और अन्य नेताओं की मौजूदगी को 'मानवीय संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक शिष्टाचार' करार दिया है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन व्यक्तिगत चिंता और मानवीय मूल्य इन मतभेदों से कहीं ऊपर होते हैं. उन्होंने अखिलेश यादव के आने पर उनका विशेष आभार व्यक्त किया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुतला फूंकने के दौरान अचानक हुए धमाके जैसी आग ने विधायक को अपनी चपेट में ले लिया था.