स्कूलों का ड्रेस कोड वैसे तो अलग-अलग होता है, लेकिन कई स्कूलों में हफ्ते में कोई खास दिन सफेद यूनिफॉर्म पहनना होता है. लेकिन अब एक महिला ने इसके खिलाफ आवाज उठाई है और उसे बाकी लड़कियों का सपोर्ट भी मिल रहा है. रिया नाम की ट्विटर यूजर का ट्वीट वायरल हो गया है. उनका कहना है कि स्कूलों को सफेद यूनिफॉर्म का नियम खत्म करना चाहिए और इसकी जगह काले रंग की यूनिफॉर्म का नियम लागू करना चाहिए. उसने इसके पीछे का कारण भी बताया.
ट्विटर यूजर रिया चौधरी ने कहा, 'मेरे स्कूल में, शुक्रवार की यूनिफॉर्म सफेद स्कर्ट थी. और मैं देखती थी कि हर शुक्रवार को लड़कियां वॉशरूम में पीरियड के दागों से जूझ रही हैं. बार-बार अपनी स्कर्ट चेक कर रही हैं और फिर उन दागों को हटाने के लिए स्कर्ट धो रही हैं. मैंने आज एक दोस्त से इसका जिक्र किया और उसने पूछा कि स्कूलों में सफेद स्कर्ट होती ही क्यों है और... हां, क्यों?'
पढ़ाई में पैदा होती है दिक्कत
उन्होंने आगे लिखा, 'फैक्ट ये है कि हमने सफेद स्कर्ट की जरूरत पर कभी सवाल ही नहीं उठाया, यह बताता है कि कैसे महिलाओं को इस तरह की असुविधाओं को स्वीकार करना और उनसे खुद निपटना सिखाया जाता है. लेकिन वास्तव में, अगर आपका स्कूल प्राइमरी से ऊपर के लेवल का है, तो वहां वे छात्राएं होंगी, जिन्हें पीरियड्स आते हैं और आपको उन्हें ध्यान में रखना होगा.'

रिया ने कहा कि बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं की जाती हैं. लेकिन कई तरह के ड्रेस कोड लागू कर दिए जाते हैं, बालों की लंबाई, नाखून और ब्रा तक के लिए पॉलिसी होती हैं.
काले रंग की यूनिफॉर्म की मांग
उन्होंने कहा कि वयस्क महिलाएं भी पीरियड्स के दिनों में सफेद रंग की स्कर्ट और पैंट पहनने से बचते हैं. तो नाबालिग बच्चियों को ये सब क्यों करना पड़ता है. बस ब्लैक यूनफॉर्म रखें. रिया के इस ट्वीट को छह हजार से अधिक लोगों ने लाइक किया है और इस पर लड़कियां काफी कमेंट कर रही हैं. महिलाएं अपने खुद के अनुभव बता रहे हैं. एक यूजर ने कहा, 'बहुत अजीब और लड़कियों के लिए परेशान करने वाला. और साथ ही, ज्यादातर स्कूलों में पीटी क्लास के लिए सफेद ड्रेस होती थी!'
In my school, our Friday uniform was a white skirt. And every Friday there would be girls in the washroom checking their skirts for period stains or trying to wash them off.
— Ria Chopra 🐍 (@riachops) March 4, 2023
I mentioned this to a friend today, and he asked why schools have white skirts at all and... yeah, why?
कमेंट सेक्शन में महिलाओं ने सफेद ड्रेस से जुड़ी और समस्याएं भी बताई हैं. एक अन्य महिला ने कहा, 'स्कर्ट्स ही क्यों? हमें टांगों की वैक्सिंग करनी पड़ती थी और अगर न करें, तो उन्हें घूरा जाता था, कमेंट किए जाते थे. अब मेरे स्कूल में पैंट हैं.' एक अन्य यूजर ने कहा, 'कक्षा 6 में मेरी एक क्लासमेट को शनिवार को पीरियड्स आए थे, उसकी पूरी स्कर्ट खून से भीग गई और वह इस बात से इतनी शर्मिंदा थी कि जब तक उसके माता-पिता में से एक उसे वापस घर ले जाने नहीं आए... इस तरह के अनुभव लड़कियों को बहुत प्रभावित करते हैं.'