scorecardresearch
 

सोशल मीडिया पर छाई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’, मैनिफेस्टो पढ़ लोग बोले- ये तो अलग ही लेवल है

सोशल मीडिया पर इन दिनों 'कॉकरोच जनता पार्टी' को लेकर जबरदस्त चर्चा हो रही है. मीम्स, राजनीतिक बहस और युवाओं के गुस्से के बीच उभरे इस डिजिटल संगठन ने इंटरनेट पर तेजी से अपनी पहचान बनाई है. आइए जानते हैं इस पार्टी से जुड़े हर बड़े सवाल और उनके जवाब.

Advertisement
X
इसी माहौल में 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से एक डिजिटल आंदोलन शुरू हुआ (Photo:Insta/@ Cockroach Janta Party)
इसी माहौल में 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से एक डिजिटल आंदोलन शुरू हुआ (Photo:Insta/@ Cockroach Janta Party)

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक नाम तेजी से ट्रेंड कर रहा है-कॉकरोच जनता पार्टी’. मीम्स, राजनीतिक बहस और युवाओं के गुस्से के बीच शुरू हुई यह ऑनलाइन मुहिम अब इंटरनेट पर बड़ा ट्रेंड बन चुकी है. कुछ ही दिनों में इससे हजारों लोग जुड़ चुके हैं. लेकिन आखिर यह पार्टी क्या है, किसने बनाई और लोग इसमें इतनी दिलचस्पी क्यों दिखा रहे हैं? आइए सवाल-जवाब में समझते हैं पूरा मामला.

क्या है कॉकरोच जनता पार्टी?

कॉकरोच जनता पार्टी एक ऑनलाइन राजनीतिक व्यंग्य (सटायर) समूह है, जिसे आम लोगों, खासकर युवाओं की नाराजगी और सिस्टम से निराशा को आवाज देने के लिए बनाया गया बताया जा रहा है.इसका टैगलाइन है-Voice of the lazy and unemployed, यानी आलसी और बेरोजगारों की आवाज.

आजतक से बातचीत में इसके संस्थापक अभिजीत डिपके से पूछा गया कि यह सिर्फ एक ट्रेंड है या कोई संगठन बनता जा रहा है? इस पर उन्होंने कहा कि यह अब एक संगठन का रूप ले रहा है. उनके मुताबिक अगर यह सिर्फ ट्रेंड होता, तो हमारी वेबसाइट पर 2 लाख से ज्यादा लोग रजिस्टर नहीं करते.उन्होंने यह भी दावा किया कि इंस्टाग्राम पर पार्टी से जुड़े कंटेंट को 4 दिनों में करीब 5 मिलियन व्यू और भारी एंगेजमेंट मिला.

यह अचानक वायरल क्यों हो गई?

Advertisement

यह ट्रेंड उस वक्त शुरू हुआ, जब सोशल मीडिया पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी को लेकर विवाद शुरू हुआ. इसके बाद इंटरनेट पर कई यूजर्स ने युवाओं, बेरोजगारी और सिस्टम को लेकर नाराजगी जाहिर की.

इसी माहौल में 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से एक डिजिटल आंदोलन शुरू हुआ, जिसने मीम्स, व्यंग्य और राजनीतिक नाराजगी को मिलाकर सोशल मीडिया पर तेजी से पकड़ बना ली.

इसे किसने शुरू किया?

इस पार्टी की शुरुआत 30 साल के अभिजीत डिपके ने की. वह 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के साथ वॉलंटियर के तौर पर काम कर चुके हैं.फिलहाल वह अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स कर रहे हैं. उन्होंने 16 मई को X पर एक गूगल फॉर्म शेयर कर लोगों को पार्टी से जुड़ने का न्योता दिया था.

वेबसाइट पर क्या लिखा है?

पार्टी की वेबसाइट खुद को 'उन लोगों की आवाज' बताती है, जिन्हें सिस्टम ने नजरअंदाज कर दिया.वेबसाइट पर लिखा गया है कि हम यहां भ्रष्टाचार को ‘strategic spending’ बताने नहीं आए हैं. हम सिर्फ पूछना चाहते हैं कि पैसा गया कहां?

पार्टी का मेनिफेस्टो क्या है?

इस पार्टी का मेनिफेस्टो व्यंग्य और गंभीर राजनीतिक मांगों का मिश्रण है. इसमें शामिल हैं:

Advertisement

कैबिनेट में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण
पार्टी बदलने वाले सांसदों और विधायकों पर 20 साल का चुनावी बैन
रिटायरमेंट के बाद मुख्य न्यायाधीशों को राज्यसभा पद न देने की मांग
चुनावों में वैध वोट हटाने पर कार्रवाई
इसके अलावा पार्टी ने NEET विवाद से जुड़े छात्रों का समर्थन भी किया है.

'कॉकरोच' नाम क्यों रखा गया?

अभिजीत डिपके का कहना है कि यह नाम प्रतीकात्मक है. उनके मुताबिक, अगर युवाओं की आवाज उठाने के लिए उन्हें 'कॉकरोच' कहा जाता है, तो वे उसी पहचान को अपनाएंगे.उन्होंने कहा कि कॉकरोच गंदगी और सड़न में पैदा होते हैं. यह नाम सिस्टम की सड़न और लोगों की नाराजगी को दिखाने के लिए चुना गया.

पार्टी में कौन शामिल हो सकता है?

पार्टी के मुताबिक सदस्य बनने के लिए आपको होना चाहिए.बेरोजगार, आलसी ,हमेशा ऑनलाइन रहने वाला
और प्रोफेशनल तरीके से शिकायत या गुस्सा जाहिर करने में सक्षम.यानी यह पूरा आंदोलन व्यंग्य और इंटरनेट कल्चर के जरिए अपनी बात रखने की कोशिश कर रहा है.

कौन-कौन इससे जुड़ चुका है?

इस ट्रेंड को और चर्चा तब मिली, जब तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद ने भी सोशल मीडिया पर पार्टी से मजाकिया अंदाज में बातचीत की. कीर्ति आजाद ने पूछा कि इस पार्टी में शामिल होने के लिए क्या योग्यता चाहिए? जिस पर पार्टी ने जवाब दिया कि 1983 वर्ल्ड कप जीतना काफी योग्यता है.

Advertisement

क्या यह सचमुच राजनीतिक पार्टी बनेगी?

फिलहाल यह साफ नहीं है कि कॉकरोच जनता पार्टी सिर्फ एक इंटरनेट ट्रेंड रहेगी या आगे चलकर बड़ा राजनीतिक आंदोलन बनेगी.लेकिन इतना जरूर है कि इसने दिखा दिया है कि आज के दौर में मीम्स, व्यंग्य और सोशल मीडिया युवाओं के राजनीतिक गुस्से और असंतोष को जाहिर करने का बड़ा जरिया बन चुके हैं.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement