जब चीन की बात होती है तो ज्यादातर लोगों के दिमाग में नूडल्स, चाय और पारंपरिक खानपान की तस्वीर उभरती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि चीन में भी दुनिया के दूसरे देशों की तरह बीयर, व्हिस्की और वाइन आसानी से मिलती है या वहां लोग कुछ और ही पीते हैं.
दरअसल, चीन दुनिया के सबसे बड़े बीयर बाजारों में से एक है और वहां विदेशी व्हिस्की की भी अच्छी खासी मांग है. इसके बावजूद, चीन के लोग वहां के पारंपरिक दो अल्कोहलिक पेय को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं. वहां हर तरह के मौके पर चीन के इन ट्रेडिशनल ड्रिंक्स का इस्तेमाल होता है. इनके नाम हैं - बाइजिउ और हुआंगजिउ.
ये दोनों ड्रिंक्स चीन की संस्कृति, इतिहास और सामाजिक जीवन का अहम हिस्सा हैं. दिलचस्प बात यह है कि हुआंगजिउ का इतिहास 7000 साल से भी पुराना माना जाता है, जबकि बाइजिउ करीब 2000 वर्षों से चीन में लोकप्रिय है.
क्या है बाइजिउ?
बाइजिउ का शाब्दिक अर्थ है 'सफेद शराब' होता है. यह एक पारदर्शी और काफी तेज अल्कोहलिक ड्रिंक होता है, जिसे चीन में शादी, त्योहार, बिजनेस डिनर और बड़े पारिवारिक आयोजनों में खूब परोसा जाता है.
इसे मुख्य रूप से ज्वार से बनाया जाता है, हालांकि कई बार गेहूं, जौ और बाजरे का भी इस्तेमाल किया जाता है. इसके निर्माण में 'क्वू' नामक एक विशेष फरमंटेशन एजेंट का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें कई तरह के यीस्ट और बैक्टीरिया मौजूद होते हैं.
बाइजिउ की सबसे खास बात यह है कि इसे पहले ठोस अवस्था में फरमेंटेड किया जाता है और फिर डिस्टिलेशन के प्रोसेस से गुजारा जाता है. इसी वजह से इसमें अल्कोहल की मात्रा काफी ज्यादा होती है.
आमतौर पर बाइजिउ में 35% से 60% तक अल्कोहल हो सकता है. इसका स्वाद काफी तीखा और मजबूत माना जाता है. चीन के मशहूर बाइजिउ ब्रांड्स में माओताई, वुलियांग्ये और लुझोउ लाओजियाओ शामिल हैं.
हुआंगजिउ क्या है?
हुआंगजिउ का मतलब है 'पीली शराब' है. हालांकि, इसका नाम भले ही शराब हो, लेकिन इसके निर्माण का तरीका वाइन के ज्यादा करीब माना जाता है. हुआंगजिउ मुख्य रूप से चावल से बनाया जाता है. इसके अलावा कुछ किस्मों में बाजरा और गेहूं का भी इस्तेमाल किया जाता है.
इसे बनाने में भी 'क्वू' का इस्तेमाल होता है, लेकिन इसका डिस्टिलेशन नहीं किया जाता. केवल फरमंटेशन की प्रक्रिया के जरिए इसे तैयार किया जाता है. इसके बाद इसे मिट्टी के बर्तनों में महीनों या कई बार वर्षों तक रखा जाता है ताकि इसमें स्वाद विकसित हो सके.
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हुआंगजिउ में आमतौर पर 10% से 20% तक अल्कोहल होता है. इसका स्वाद बाइजिउ की तुलना में कहीं अधिक मुलायम, हल्का मीठा और संतुलित माना जाता है. इसमें सूखे फलों, मेवों और कारमेल जैसे फ्लेवर भी महसूस किए जा सकते हैं.
दोनों में क्या है सबसे बड़ा फर्क?
बाइजिउ और हुआंगजिउ के बीच सबसे बड़ा अंतर इनके निर्माण के तरीके और अल्कोहल की मात्रा में है. बाइजिउ एक डिस्टिल्ड शराब है. इसलिए इसमें अल्कोहल ज्यादा होता है. वहीं हुआंगजिउ केवल फरमेंटेशन से बनता है, इसलिए यह अपेक्षाकृत हल्का यानी लाइट होता है.जहां बाइजिउ का स्वाद काफी तीखा और स्ट्रॉन्ग होता है, वहीं हुआंगजिउ का स्वाद नरम और हल्का मीठा माना जाता है.
चीन में क्यों हैं इतने लोकप्रिय?
चीन में बाइजिउ को सम्मान, मेहमाननवाजी और उत्सव यानी जश्न का प्रतीक माना जाता है. बड़े भोज, शादियां और कारोबारी बैठकों में इसका इस्तेमाल आम है. वहीं हुआंगजिउ को अक्सर खाने के साथ पिया जाता है और कई पारंपरिक चीनी व्यंजनों में इसका उपयोग भी किया जाता है.
यानी चीन में बीयर और व्हिस्की भले ही खूब बिकती हों, लेकिन अगर किसी पेय को वहां की असली पारंपरिक पहचान कहा जाए तो वह बाइजिउ और हुआंगजिउ ही हैं. सदियों पुरानी इन दोनों ड्रिंक्स ने आज भी चीन की संस्कृति और खानपान में अपनी खास जगह बना रखी है.